अनुसूचित जाति के मेधावी छात्रों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी योगी सरकार

लखनऊ:- उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अनुसूचित जाति के बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की पहल की है जिससे धन के अभाव में उनकी पढ़ाई न रुके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने में लगा है। इस प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही योगी ‘मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना’ का शुभारंभ करेंगे। सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इसके साथ ही योगी सरकार विधानसभा चुनाव के पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से जारी किए गए लोक कल्याण संकल्प पत्र के एक और वादे को जल्द पूरा कर देगी। इसकी रूपरेखा समाज कल्याण विभाग ने तैयार कर ली है।

इसके तहत वादे के अनुरूप योगी सरकार अनुसूचित जाति के मेधावी छात्रों की शिक्षा के लिए सौ फीसदी वित्तीय सहायता देगी। ‘मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना’ के तहत देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययनरत, राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा में अव्वल आने वाले दो-दो छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिप्यूट की 250 संस्थाएं और उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित संस्थाएं चिह्नित कर ली गई हैं। सरकार की ओर से अनुसूचित जाति के 500 मेधावी छात्रों को संपूर्ण शिक्षण शुल्क, मेस और छात्रावास व्यय के लिए 15 करोड़ रुपए की बजट में व्यवस्था भी की गई है।

सरकार का दावा है कि सपा सरकार में 2012-17 तक केवल 76 लाख युवाओं को छात्रवृत्ति दी जा रही थी। अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति रोक दी गई थी। योगी सरकार 1.14 करोड़ से अधिक युवाओं को छात्रवृत्ति देकर उनकी पढ़ाई-लिखाई आसान कर रही है। अनुसूचित जाति के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करीब 12 करोड़ की लागत से गोरखपुर में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें अनुसूचित जाति के सौ छात्रों की तैयारी हो सकेगी।

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