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यास तूफान से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रो का जनजीवन हुआ अस्त व्यस्त

सहरसा:- कोरोना संक्रमण के इस दौर में यास तूफान का असर जिले में पिछले दो दिनों से जिले में कहर बरपा रही है। जिसके जारी रहने के 30 मई तक मौसम विभाग ने संभावना जतायी है।मंगलवार की सुबह से ही आकाश में बादल छाये हैं एवं बूंदाबांदी हो रही है।इस बूंदाबादी एवं आंधी से जनजीवन थम गया है।लोग घरों में दुबकने को विवश हो गये हैं। मौसम विभाग ने 28 जून तक मध्यम से लेकर तेज वर्षा के साथ आंधी की चेतावनी जारी की है।क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान, एएमएफयू अगवानपुर के मौसम वैज्ञानिक अशोक पंडित ने बताया कि गंभीर चक्रवाती तूफान उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ना जारी रखेगा। इसका प्रभाव सहरसा के अलावे सुपौल एवं मधेपुरा जिला में हल्की से मध्यम बारिश एवं कुछ जगह पर भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी पूवार्नुमान है।वहीं आंधी एवं वर्षा की बडी संभावना से आम जनजीवन सहमा हुआ है।साथ ही शहरी क्षेत्र के लोग जलजमाव के बढाने की संभावना से भयभीत हैं। महामारी कोरोना के इस दौर में पिछले दिनों ही यास तूफान के कारण हुई तेज वर्षा से शहरी क्षेत्र में जलजमाव की समस्या बिकराल हो गई थी। यह जलजमाव समाप्त हुआ नहीं कि इस दूसरे यास तुफान के आगमन से लोग परेशान हो उठे हैं।इसका असर कितना व्यापक होगा यह आने वाले दो से तीन दिन में पता चल पायेगा।वहीं इस तुफान से कृषकों को बहुता नुकसान पहुंचा है। खेतों में लगे लगभग तैयार मक्के की फसल आंधी एवं पानी में खराब हो गये हैं।मूंग की फसल लगभग चौपट हो चूकी है। वहीं इस आंधी एवं वर्षा से मौसमी फल एवं सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस आंधी एवं वर्षा से शहरी जीवन अस्त व्यस्त हो चूका है। लगभग सभी मुहल्ले जलजमाव की चपेट में आ गये हैं। जिससे लोगों की परेशानी बढ गई है ।

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