आज के दिन पूरे विश्व में पर्यावरण को संरक्षित रखने ,पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाले तत्वों को दूर करने ,
संरक्षित करने के नये उपायों हेतु पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।

आज जिस रफ्तार से पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ हो रही है ,निश्चित तौर पर जीव प्राणियों के जीवन के लिए उतने हि खतरे का संकेत दे रहा है ,,

लगातार वनों की कटाई हो रही है , प्रदूषण चरम सीमा पार कर रही है ,मृदा अपरदन बढ़ रही है ,पहाड़-पर्वत उजड रहे है ….
परिणाम ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रहा है ,
छोटे-छोटे जीव-जन्तु मर रहे है ,
बीमारियों का अंबार लग रहा है ,
समय पर बारिश नही हो रही है ….
दिनों दिन तापमान बढ़ता ही जा रहा है,,,

हम वैसे-वैसे वस्तुओं का इस्तेमाल कर रहे है जिसे मिट्टी सडा-गला नही सकती है ,जिससे की हमारा मिट्टी प्रदूषित हो रहा है …

बड़े-बड़े कारखानों से निरन्तर धूँवे निकल रहे हैं जिससे हमारा हवा दूषित हो रहा है …
और उनके अवशेषों को नदी-तलाबों में बहाया जा रहा है जिससे पानी दूषित हो रहा है ,पानी में निवास कर रहे छोटे- छोटे प्राणियों की मृत्यु हो रही हैं वे पानी में हि सड़ रहे है जिससे पानी जहर के समान हो जा रहा है ।।

हवा-पानी जीव प्राणियों के लिए मूलभूत घटक है इसके दूषित होने से कई प्रकार के बीमारियों का जन्म हो रहा है जिसका उपचार कराना हर लोगों के लिए संभव नही हो पाता है अंततः मौत की सजा हो जाती है ।

इन सभी तथ्यों पर आज की सरकार को किसी प्रकार की कोई चिंता नही है।
भावी पीढ़ी की कोई चिंता नही है ।
ऐसे-ऐसे लोगों को मंत्री बनाया जा रहा है जिसे पर्यावरण का मतलब पता नही होता है ।
पूरा देश _पूरा विश्व कागज से बने पैसों के पीछे अपना जान लगाया बैठा है ।

साथियों उस कागज के पैसे से न तो हमें शुद्ध हवा मिलती है ,न उस पैसे से शुद्ध पानी निकलता है …
वह कागज है कागज हि रहेगा बस हमें और आपको उस कागज के लिए खतरों से लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है ।

आइए हम पढ़े लिखे लोग इस पर्यावरण संरक्षण हेतु संकल्प लेते है ।
कि हम इस पर्यावरण को कोई क्षति नही पहुँचाएगें ।

पेड़ लगाएँगे – डैम बनाएँगे
पहाड़-पर्वत की रक्षा करेंगे ।

जीवन को बेहतर और
प्राकृतिक बनाने के लिए हि पूरे विश्वभर में पर्यावरण में कुछ सकारात्मक बदलाव लाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस अभियान की स्थापना की गई।
आज पर्यावरण का मुद्दा बहुत बड़ा मुद्दा है,
जिसके बारे में सभी को जागरुक होना चाहिए और इस परेशानी का सामना करने के लिए अपने सकारात्मक प्रयासों को करना चाहिए।
प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग से युक्त वातावरण में सकारात्मक बदलावों को लाने के लिए विद्यार्थियों के रुप में किसी भी देश के युवा सबसे बड़ी उम्मीद हैं।

हम पढ़े-लिखे ,बुद्धिजीवी लोग हि इस पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते है ।

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