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प्री-मॉनसून बारिश के साथ ही पूर्व सीएम मधु कोड़ा हल-बैल लेकर खेत की जुताई शुरू की

करीब 4000 करोड़ घोटाला का कभी लगा था आरोप

चाईबासा:- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा प्री-मॉनसून बारिश की शुरुआत के साथ ही खेती-किसानी के कार्य में जुट गये है। पूर्व मुख्यमंत्री, सिंहभूम के पूर्व सांसद और जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र का तीन बार प्रतिनिधित्व कर चुके मधु कोड़ा इन दिनों अपने गृह जिला पश्चिमी सिंहभूम जिले के पताहातू स्थित पैतृक गांव में खेती कार्य में जुटे है। “उत्तम खेती, मध्यम बान , निषिद्ध चाकरी भीख निदान“ को आत्मसात करते हुए मधु कोड़ा खेतों में खुद हल- बैल लेकर उतर पड़े है। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री ने युवा वर्ग को आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले समय में खाद्य पदार्थों की काफी बड़ी मांग होगी ,इसको देखते हुए खाद्य पदार्थों के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए, युवा वर्ग खेती-बाड़ी जैसे परंपरागत कार्य से जुड़े। मधु कोड़ा ने कहा कि आज की वैश्विक युग में जहां पढ़ लिख कर युवा वर्ग सीधी रोजी रोजगार के लिए है नौकरी और अन्य व्यवसाय की ओर रुख कर लेते हैं, उनके लिए भी यह एक प्रेरणादायक है कि पढ़ लिख कर उन्नत तकनीक से खेती बागवानी और पशुपालन जैसे कार्य से जुड़े एवं अपने राज्य समाज एवं राष्ट्र का नाम ऊंचा करें। इससे पहले निर्दलीय विधायक होने के बावजूद मधु कोड़ा ने झारखंड में करीब दो वर्षां तक मुख्यमंत्री पद पर कायम रह कर एक रिकॉर्ड बनाया था। अपने मुख्यमंत्रित्व काल में करीब चार हजार करोड़ रुपये हेराफेरी मामले के आरोपी मधु कोड़ा को कोयला घोटाले में सजा मिलने के कारण भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया है। जिस कारण वे खुद सक्रिय राजनीति से दूर है, लेकिन उनकी पत्नी गीता कोड़ा सिंहभूम की सांसद है, वहीं उनके काफी करीबी माने वाले सोनाराम सिंकू जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के वक्त यह माना जा रहा था कि चुनाव आयोग या अदालत के माध्यम से बाद में मधु कोड़ा को चुनाव लड़ने की अनुमति मिल जाती है, तो वे अपने करीबी सोनाराम सिंकू से त्यागपत्र दिलवा कर खुद जगन्नाथपुर से चुनाव लड़ सकते है, लेकिन डेढ़ वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक उन्हें इस काम में सफलता नहीं मिल सकी है और फिलहाल वे खेती कार्य में व्यस्त है।

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