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आदिवासियों-मूलवासियों को रोजगार देंगे, नियोजन व स्थानीय जल्द-सीएम


रांची:- झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी-मूलवासियों को रोजगार देने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में रोजगार को लेकर प्रवर समिति की रिपोर्ट भी आ चुकी है। इस समिति में पक्ष-विपक्ष के कई सदस्य शामिल थे। स्थानीय लोगों को कैसे निजी क्षेत्रों में रोजगार मिले, इसके लिए सरकार गंभीर है। भाजपा सदस्यों के शोर-शराबे और हंगामे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि थोड़ा धीरज रखिये बहुत जल्द नियोजन नीति भी आएगी और स्थानीय नीति भी आएगी, इस मुद्दे पर विपक्ष के लोगों को बोलने का मौका नहीं दिया जाएगा। हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी समस्या यही रही है कि शासन में रहने के बावजूद भाजपा ने कभी गरीब, कमजोर, आदिवासी, अनुसूचित जाति, पिछड़ा और अल्पसंख्यकों के हक और अधिकार के लिए काम नहीं किया।
पिछड़ों को आरक्षण देने के लिए भी प्रतिबद्ध, सर्वसम्मत प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़ों को भी आरक्षण देने के लिए सरकार कटिबद्ध है। इस संबंध में केंद्र सरकार को एक सर्वसम्मत प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए। राज्यहित में सभी को पहल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज देश भर की जो स्थिति है, उससे सभी अवगत है, साल भर से देशभर के किसान सड़कों पर आंदोलनरत है, इस मसले पर भी प्रस्ताव लाया जाना चाहिए।
आजसू पार्टी के सुदेश महतो ने मुख्यमंत्री से स्थानीयता और नियोजन के मसले पर नीति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनगणना के मसले पर सभी दल दिल्ली जाने के तैयार है, लेकिन केंद्र सरकार ने पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने की जिम्मेवारी अब राज्य सरकारों पर छोड़ दी है, इसलिए झारखंड सरकार राज्य में पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मसले पर अविलंब निर्णय ले।
जातीय जनगणना पर सर्वदलीय शिष्टमंडल पीएम से मिलेगा
सभा में जातीय जनगणना के मुद्दे पर उठे मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में यह जानकारी दी कि इस मसले पर उनके नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शीघ्र ही मुलाकात करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में कुल 9 सदस्य होंगे और प्रधानमंत्री से मुलाकात कर एक मांग पत्र सौंपा जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मुलाकात के लिए तिथि और समय देने का अनुरोध किया है।
वित्तमंत्री ने हंगामे के बीच कैग रिपोर्ट सभा पटल पर रखा
विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ही सत्तापक्ष के कई सदस्यों ने शून्यकाल के माध्यम से अपने क्षेत्र और राज्य की विभिन्न समस्याओं को सभा पटल पर रखा। वहीं शोर-शराबे के बीच ही ध्यानाकर्षण सूचना पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया, लेकिन हंगामे के कारण कुछ भी सुना नहीं जा सके। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ही वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक का वित्तीय वर्श्ष 2018-19 का झारखंड राज्य का सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों सहित सामान्य सामाजिक, आर्थिक एवं राजस्व क्षेत्रों का लेखा परीक्षा प्रतिवेदन सभा पटल पर रखा, जबकि खाद्य आपूर्ति मंत्री की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 का वार्षिक प्रतिवेदन 2018-29 की प्रति भी सभा मेज पर रखी गयी। इस दौरान स्कूली शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो द्वारा झारखंड राज्य शिक्षा परियोजना परिषद का वर्ष 2019-20 का वार्षिक प्रतिवेदन और अंकेक्षित लेखा की प्रति सभा मेज पर रखा।
भाजपा सदस्यां के हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही दोपहर 12.35बजे पर भोजनावकाश दिन के 1 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
लाठीचार्ज का मुद्दा उठा
दोपहर 2 बजे सभा की कार्यवाही शुरू होने पर भाजपा के नीलकंठ सिंह मुंडा ने विधानसभा मार्च के लिए शांतिपूर्ण तरीके से जा रहे भाजपा कार्यकर्त्ताओं पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र की गला घोटने की कोशिश की जा रही है।
विधानसभा ने तीन विधेयकां को मंजूरी दी
मॉनसून सत्र के चौथे दिन आज तीन विधेयकों को भी ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी गयी। इसमें झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक 2021, झारखंड नगरपालिका संशोधन विधेयक 2021 और झारखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2021 शामिल है। विधेयक पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही को गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

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