अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

कूप सिंचाई व्यवस्था ग्रामीणों के लिए हो रही है वरदान साबित, किसानों की आंखों में दौड़ रही आत्मविश्वाश की उम्मीद


सालों भर खेत रहता है हरा-भरा, प्रदेश में रहकर हो रही आमदनी
हजारीबाग:- किसानों को सिंचाई की समस्या से निजात दिलाने के लिए राज्य की सरकार हर क्षेत्र तक योजना का लाभ पहुंचाकर उन्हें स्वंरोज़गार दिलाने के लिए हर मुमकिन प्रयास कर रही। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जरूरतमंद के खेतों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हैं। झारखंड के किसान खेती कर स्वावलंबी बने यह सरकार की रणनीति है। कृषियोग्य भूमि होने बावजूद हजारीबाग जिला, प्रखंड विष्णुगढ़, खरना पंचायत के किसान भीम महतो कृषि से अछून रहते थे। पलायन कर मजदूरी किया करते थे। लेकिन कूप निर्माण योजना भीम के जीवन में रोशनी भर उनके सूखे खेत में जान डाली।
भीम के जीवन में स्वरोज़गार का सृजन, आंखों में नई चमक
किसान भीम महतो के पास कृषि योग्य भूमि तो थी परंतु सिंचाई का साधन नहीं होने के कारण उन्हें अपने परिवार और प्रदेश से दूर रहकर टावर लाइन में दैनिक मजदूरी करनी पड़ती थी। इससे आमदनी तो थी पर दुगुनी मेहनत के बाद भी परिवार का भरण-पोषण बेहतर ढंग से नहीं हो पाता था। एक दिन भीम को ग्राम पंचायत की बैठक के जरिए पता चला कि मनरेगा से कूप स्वीकृत होता है। इन्होंने अपने परिवार के साथ सलाह-मशवरा कर कुंआ निर्माण संबंधी आवश्यक दस्तावेज ग्राम पंचायत में जमा किया। कूप निर्माण स्वीकृत होने के पश्चात भीम की आंखों में आशा की नई किरण दिखाई दी। इनके जीवन में स्वरोज़गार के अवसर सृजित हुए। अब वे अपने खेत में खेती कर आत्मनिर्भर व आत्मविश्वासी बन रहे हैं।
सालों भर खेत रहता है हरा-भरा, प्रदेश में रहकर आमदनी 6000-7000 रुपए
लाभुक किसान भीम बताते है वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्राक्कलित राशि 381299 रूपए से मेरी भूमि पर 12.35 का कूप निर्माण कार्य झारखण्ड सरकार की सहायता से प्राक्कलन के अनुरूप पूर्ण किया गया। कूप निर्माण के बाद सिंचाई की समस्या दूर हुई और अब मेरा खेत सालों भर हरा-भरा रहता है। जिससे हमारे जीवन में हरियाली छाई रहती है। मैं अपने करीब 1.5 (डेढ़ एकड़) भूमि में मौसम के अनुसार धान, गेहूं, टमाटर, आलू, गोभी, एवं बैंगन इत्यादि का मुख्यता खेती करता हूं।अपने सपरिवार के साथ रहकर सालाना करीब 6000-7000 रुपए की आमदनी कर लेता हूं। मनरेगा योजना का लाभ लेकर मुझे अपने प्रदेश में आजीविका एक साधन मिल गया। आर्थिक रूप से सशक्त होने से मैं और मेरा परिवार खुशहाली से जीवनयापन कर रहे हैं।

%d bloggers like this: