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20 हजार घूस लेते कल्याण पदाधिकारी एक सहयोगी के साथ गिरफ्तार


आवास से मिले 2 लाख 83 हजार

मेदिनीनगर:- झारखंड के पलामू जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार और उनके एक सहयोगी क्लर्क को घूस लेते गिरफ्तार किया गया है। दोनों जनजातीय समाज के धूमकुड़िया भवन निर्माण के आवंटन के एवज में 20 हजार रुपये घूस ले रहे थे। दोनों को पलामू समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय से रंगेहाथों पकड़ा गया। बाद में उनके आवास पर भी छापामारी की गयी, जहां से 2 लाख 83 हजार रूपये बरामद किए गए। इसके साथ ही पलामू एसीबी ने इस वर्ष का 11वां ट्रेप केस को पूरा कर लिया है।
धूमकुड़िया भवन के लिए मांगा गया था 3 प्रतिशत घूस
आदिवासी संस्कृति कला केंद्र के तहत कल्याण विभाग द्वारा इन दिनों धूमकुड़िया भवन का निर्माण किया जा रहा है। जिले छतरपुर प्रखंड के डुन्डुर में भी धूमकुड़िया भवन का निर्माण किया जाना था। इसके लिए 12 लाख का आवंटन होना था। भवन निर्माण के एवज में 3 प्रतिशत घूस मांगी गयी थी। कल्याण विभाग के क्लर्क मनोज कुमार के माध्यम से घूस की पेशकश की गयी थी। मामले में छतरपुर प्रखंड के लठेया के डुन्डुर निवासी उमाशंकर बैगा ने एक सप्ताह पूर्व घूस मांगने की शिकायत एसीबी की मेदिनीनगर कार्यालय में की थी।
कांड दर्ज कर हुई कार्रवाई
एसीबी के डीएसपी करूणानंद राम ने बताया कि शिकायतकर्ता उमाशंकर बैगा ने डुन्डुर में धूमकुड़िया भवन निर्माण के लिए चेक रिलीज के लिए जिला कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय में आवश्यक कागजात जमा किया था, जिस पर भवन निर्माण योजना की स्वीकृति प्रदान करते हुए आवंटन के लिए पत्र भेजा गया है, परन्तु अभी तक उसे डुन्डुर में धूमकुड़िया भवन निर्माण का आवंटन नहीं मिला है। मामले में उमाशंकर बैगा जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार से मिले और धूमकुड़िया भवन के बारे में पूछा।उन्होंने कहा कि भवन के लिए खर्चा करना पड़ता है। सहायक मनोज कुमार से मिल लिजिये। इसपर वादी क्लर्क से मिला तो उन्होंने कहा कि 20 हजार रुपये लगेंगे, तब धूमकुड़िया भवन बनेगा। इसपर पुनः वादी जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार से मिला और बोला कि वे (क्लर्क) तो 20 हजार रूपये मांग रहे हैं, इसपर कल्याण पदाधिकारी ने कहा कि बार-बार उनके पास मत आईये, मनोज (क्लर्क) जो बोल रहा है, उसको कर दिजिये, काम हो जायेगा। तब ये पुनः क्लर्क मनोज कुमार से मिले और बोले कि इतना पैसा नहीं है, तब क्लर्क बोले कि पैसा की व्यवस्था करके आईयेगा। एसीबी ने शिकायत के सत्यापन के बाद आरोप को सही पाया, जिसके बाद आज उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

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