April 11, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

बेपरवाह अधिकारियों के कारण जल ,जीवन ,हरियाली योजना भ्रष्टाचार की भेट चढ़ा

बक्सर:- मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण योजनाओं में सुमार जल जीवन हरियाली योजना स्थानीय तौर पर पूरी तरह भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है |आलम यह है कि एक ही योजाओ पर अलग अलग वित्तीय आवंटन कर फाइलों में योजना पूरी होने की बात बताई जारही है पर वास्तविकता की धरातल पर आधे अधूरे काम को देखा जा सकता है | बारह लाख रुपये की लागत से विश्राम सरोवर पोखरे की खुदाई और सौन्दयीकरण का कार्य मार्च 2019 से ही शुरू किया गया पर आज दो वर्ष पूरे होने के बावजूद योजना पूरी नही हुई है |बक्सर नगर परिषद के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि आसन्न वर्षात के पूर्व उक्त योजना को पूरा करने के लिए पुनः 18 लाख रुपये की राशि का आवंटन किया जा रहा है | डुमराँव अनुमंडल के महरौरा शिवालय के समीप के ऐतिहासिक महरौरा पोखरे पर विगत डेढ़ वर्षो से कार्य शुरू होने के बाद भी खत्म होने का नाम ही नही ले रहा है |जबकि वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री के द्वारा जल जीवन हरियाली योजना के तहत जल संरक्ष्ण के लिए पोखरे के सुदरीकरण का उदघाटन किया गया था जिसपर कार्य चल ही रहा है |बक्सर नगर परिषद भी नगर के बीचो -बीच स्थित गौरीशंकर मंदिर परिसर स्थित पवित्र तलाब के जीर्णोद्धार पर विगत दो वर्षो से कार्य चल रहा है जिसे अब तक पूरा नही किया जा सका है | इन योजना स्थलों पर प्रक्वलन की राशि ,मियाद का समय और संवेदक का नाम लगा बोर्ड लगाना अधिकारी उचित नही समझ रहे है | इस बाबत पूछे जाने पर बक्सर नगर परिषद के अभियंता संदीप पाण्डेय का तर्क यह है कि टिन का बोर्ड लगाया तो गया है ,शायद चोर उच्चके उखाड़ लिए हो | हमे भी सूचना मिली है बोर्ड जल्द ही लगा दिया जाएगा |बात अगर हरियाली योजना की करे तो वर्ष 2019 और 2020 के दौरान बृक्षा रोपण के तहत जिले के अन्दर तीन लाख पौधे लगाये गये पर उचित देख रेख के अभाव में साठ फीसदी पौधे सुख गये , हालाकि वन प्रमंडल के जल टेंकर घूमते तो है ,जिसमे पानी कम दिखवा अधिक होता है| इन योजनाओं को सरकारी फाइलों में पूरा दिखा कर राशि की निकासी तो होता है पर धरातल पर योजना को मजबूती मिलने के बजाए योजनाओं के संचालन के जिम्मेवार लोगो की आर्थिक धरातल मजबूत हो रहे है |

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