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कोविड-19 के मद्देनजर पुरी में रथयात्रा के दौरान रहेगी निषेधाज्ञा

पुरी:- विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी पुरी में रथयात्रा के मौके पर श्रद्धालुओं की भीड़ को रोकने के लिए 11 जुलाई से दो दिन के लिए निषेधाज्ञा लागू रहेगी और भगवान जगन्नाथ मंदिर को जोड़ने वाली ग्रैंड रोड समेत सभी सड़कों को सील कर दिया जायेगा। मंदिर प्रशासन की शनिवार को यहां आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार केवल सेवक ही तीनों रथों को खीचेंगे तथा कोई भी अधिकारी रथ खींचने में भाग नहीं लेंगे। बैठक में रथ यात्रा के आयोजन के संबंध में अन्य निर्णय भी लिए गये। जगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ कृष्ण कुमार ने कहा कि केवल आरटी पीसीआर परीक्षण में नेगेटिव रिपोर्ट वाले सेवकों को ही रथयात्रा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही मंदिर के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों के अलावा लगभग 2200 सेवकों को कार उत्सव से पहले कोविड परीक्षण से गुजरना होगा। मंदिर प्रशासन की ओर से करीब 6,000 लीटर सैनिटाइजर खरीदे जा चुके हैं। सेवादारों को रथ खींचने से पहले सैनिटाइज़र और एक-एक तौलिया दिया जाएगा। डॉ कुमार ने कहा कि रथों पर अपनी मौजूदगी को कम से कम करने के लिए सेवकों ने सहमत जतायी है तथा उनकी ओर से कोई बाधा उत्पन्न नहीं जायेगी। रथ खींचने के दौरान निर्जलीकरण और अन्य बीमारियों के लिए सेवकों के इलाज के लिए, शेर के द्वार से गुंडिचा मंदिर तक ग्रैंड रोड (बदादंडा) के पूरे 3 किलोमीटर के हिस्से में बीस प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और पेयजल आपूर्ति इकाइयां संचालित होंगी। सेवादारों को कैमरों के साथ मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें रथों पर सेल्फी लेने से रोक दिया जाएगा। रथों के गुंडिचा मंदिर पहुंचने के बाद सेवकों को उनके घर को लौटने के लिए वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। डॉ कुमार ने कहा कि प्रशासन प्रत्येक घर में परिवार के सदस्यों की संख्या की गणना कर रहा है और यदि कोई उल्लंघन नोटिस करता है तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से रथयात्रा के सीधा प्रसारण की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जो अन्य निजी चैनलों को लिंक प्रदान करेगा।

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