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पीड़ित मां ने CM से लगाई गुहार, कहा- 11 महीने से खुले घूम रहे बेटी के हत्यारे, पुलिस पर भी लगाया ये आरोप


पटनाः- बिहार में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता हुआ एक मामला सामने आया है, जहां पर एक पीड़ित मां ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने पुलिस की पोल खोलकर रख दी है। बेटी के लिए न्याय मांगती मां ने नीतीश कुमार से गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि 10 महीने से बेटी के हत्यारे छुट्‌टा घूम रहे हैं। इतना ही नहीं पीड़ित मां ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस पैसे लेकर हत्यारों की मदद कर रही है। वहीं नीतीश कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया और पटना के जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी। दरअसल, जदयू के पंडारक प्रखंड अध्यक्ष रहे स्व. शांति मोहन शर्मा की सबसे छोटी आराधना की शादी 2015 में बेगूसराय के नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले व्यापारी मनीष के साथ काफी धूमधाम से की। शादी के बाद से ही ससुराल वाले आराधना को प्रताड़ित करने लगे। जब बेटी के पिता जिंदा थे, तो वह उन्हें बताती थी। कई बार पंचायत हुई, लेकिन इसके बाद भी ससुराल वाले नहीं बदले। साल 2016 में शांति मोहन शर्मा बेटी की ससुराल पहुंचे और सीजेएम कोर्ट में केस करने के लिए प्रार्थना पत्र तैयार कर लिया। इस बात की जानकारी मिलते ही ससुरालियों ने माफी मांगी। इसके बाद मामला शांत हो गया, लेकिन शांति मोहन शर्मा बेटी को लेकर काफी चिंतित रहते थे। कुछ ही दिन बाद बेटी की चिंता में पिता को दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद नीतीश कुमार भी शांति मोहन शर्मा के घर पहुंचे। पिता की मौत के बाद बेटी के ससुराल वाले कुछ दिन शांत रहे, लेकिन 2020 में वह फिर बहू को प्रताड़ित करने लगे। वहीं पीड़िता के भाई अमित ने बताया कि प्रताड़ना से तंग उनकी बहन ससुराल से मायके आ गई। वह किसी अनहोनी के डर से ससुराल जाने को तैयार नहीं थी। घर वालों ने भी सोच लिया था कि अब अपनी बेटी को उसके ससुराल कभी नहीं भेजना है। इतना ही नहीं आराधना हमेशा बोलती थी कि सास और ननद दहेज के लिए टॉर्चर कर मारती हैं। इस बीच अचानक आराधना का पति मनीष गाड़ी लेकर पंडारक पहुंचा और आराधना को ससुराल जाने के लिए मना लिया। वह कसम खाकर ले गया कि आराधना को अब कोई समस्या नहीं होगी लेकिन कुछ दिनों बाद ही उसकी मौत की खबर आ गई। बता दें कि बेटी की मौत के बाद मां ने पति, सास ससुर सहित 11 लोगों के खिलाफ दहेज हत्या प्रताड़ना और घटना पर साजिश डालकर साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज करवाया। इस घटना में चश्मदीद गवाह आराधना की साढ़े 4 साल की बेटी जयति है, जिसने वीडियो में घटना का पूरा सच बताया था। इसके बावजूद भी पुलिस के द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

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