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शिक्षा विभाग का अनोखा फैसला, बच्चों तक पहुंचने के लिए अब अपनाई ये स्कीम

लुधियाना:- पंजाब का शिक्षा विभाग अकसर अपने अजीबो गरीब फैसलों को लेकर चर्चा में बना रहता है। ऐसा ही विभाग द्वारा एक फैसला ‘लाइब्रेरी लंगर’ मुहिम के अंतर्गत बच्चों के घर तक लाइब्रेरी की किताबें पहुंचाने का लिया गया है जिसके अंतर्गत विभाग ने ज़िला लुधियाना के सभी सरकारी स्कूलों में लाइब्रेरी लंगर लगाने के लिए 12 जुलाई की तारिख तय की है। हालांकि अभी सभी सरकारी स्कूलों में जुलाई परीक्षाएं चल रही हैं जिसके अंक विभाग के दिशा निर्देशों के अनुसार फाइनल रिजल्ट में जुड़ेंगे, जिसको देखते हुए विभाग के इस फैसले पर फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं और अध्यापक दबी जुबान में इसका विरोध कर रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के अधिकारी इस फैसले की तारीफ करते नहीं थक रहे। हालांकि एक अधिकारी ने अपना नाम ना प्रकाशित करने की शर्त कहा कि इस फैसले को लागू करने के लिए अधिकारियों ने जल्दबाजी की है, अगर कुछ ऐसा करना भी था तो परीक्षाओं के बाद किया जा सकता था। पहले अध्यापकों ने सिलेबस की किताबें कोरोना काल के दौरान बच्चों के घर तक पहुंचाई, फिर राशन और अब लाइब्रेरी की किताबें जो कि स्कूल खुलने पर भी दी जा सकती थी, अगर किसी बच्चे को लाइब्रेरी की किताब की जरूरत है तो वह अपने माता-पिता के माध्यम से भी स्कूल से किताबें प्राप्त कर सकता है, उन्होंने कहा कि घर-घर जा कर लाइब्रेरी की किताबें बांटना बिना सोचे समझे लिया गया फैसला है। डी.ई.ओ. सेकेंडरी लखबीर सिंह ने बताया कि उनकी कोशिश है कि विद्यार्थियों तक अधिक से अधिक पहुंच की जाए और विद्यार्थियों में अधिक से अधिक किताबों की बांट को सुनिश्चित की जाए। सोशल मीडिया और गुरुद्वारों और सार्वजनिक स्थानों पर अनाउंसमेंट और बड़े स्तर पर पोस्टर मुहिम द्वारा इस आने वाले प्रोजेक्ट में पहले ही अधिक जान फूंक दी गई है। डी.ई.ओ. एलिमेंट्री मैडम जसविंदर कौर ने कहा कि विद्यार्थियों और उनके माता-पिता को व्हाट्सएप के माध्यम से इन पुस्तकों के संबंध में लम्बे समय से अवगत करवाया जा रहा है। पंजाबी और हिंदी विषयों के अध्यापकों और खासकर लाइब्रेरी इंचार्ज से ऑनलाइन मीटिंग्स की जा रही हैं ताकि इस प्राजेक्ट के लिए अधिक से अधिक समर्थन जुटाया जा सके। डिप्टी डी.ई.ओ. सेकेंडरी डा. चरनजीत सिंह ने कहा कि बी.एन.ओ. और पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब टीमों से भी ऑनलाइन मीटिंगें की गई हैं और इस प्रोग्राम की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों के लिए विभिन्न टीमों की नियुक्ति की गई है। बीएनओज ब्लाकों में नोडल अधिकारियों के तौर पर काम करेंगे और इस तरह इस प्रोजेक्ट का माता-पिता, विद्यार्थियों और समाज द्वारा व्यापक तौर पर स्वागत किया जाएगा। ज़िला नोडल अधिकारी (मीडिया) कम प्रिंसिपल डा. दविंदर सिंह छीना ने जानकारी देते हुए बताया कि 12 जुलाई को बड़ी फ़ील्ड मूवमेंट को देखा जाएगा और बहुत-से अध्यापक अपने वाहनों पर बैनर और पोस्टर लगा कर मोबाइल-लाइब्रेरी के तौर पर अपने वाहनों का प्रयोग करेंगे और किताबों सहित विद्यार्थियों और माता-पिता तक पहुंच करेंगे। विद्यार्थियों को किताबों पर समीक्षा लिखने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

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