अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

नयी बाइक खरीद पाने में असमर्थ होने पर पुरानी साईकिल को मॉडिफाई कर इलेक्ट्रिक-साईकिल बना डाला


बैटरी रिचार्ज होने पर बगैर पैडल मारे 40 किलोमीटर चलती है
रांची:- कहते हैं आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। रांची के एक शख्स को जब अपनी पुरानी मोटर साइकिल से परेशानी होने लगी तब उन्होंने सामान्य से दिखने वाले साइकिल में ही रिचार्जेबल बैटरी, मोटर और एक्सीलेटर लगाकर इलेक्ट्रिक साइकिल का इजाद कर डाला।
महज आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई कर चुके रांची के रहने वाले चालीस वर्षीय सिरिल बेक ने एक नया आविष्कार किया है। पैसे के अभाव के कारण नई मोटरसाइकिल नहीं खरीद पाने की वजह से सिरिल बेक ने अपनी पुरानी साइकिल को मॉडिफाई करके इलेक्ट्रिक साइकिल बना दिया है। सिरिल बेक की इलेक्ट्रिक साइकिल एक बार चार्ज होने के बाद बगैर पैडल मारे 40 किलोमीटर तक चलती है।
दिल में कुछ नया करने की तमन्ना रखने वाले सीरिल बेक इलेक्ट्रिक साइकिल बनाने के बाद खुद से इलेक्ट्रिक रिक्शा बनाने की तैयारी में जुट गए हैं। ऊंची पढ़ाई नहीं कर पाने की कसक सिरिल बेक की नजर में तो दिखती है लेकिन हौसले उनके आज भी काफी बुलंद हैं।
सीरिल बेक के इस आविष्कार से पड़ोस के बच्चे और बड़े सभी आश्चर्यचकित है। इनकी इलेक्ट्रिक साइकिल अब इतनी अधिक पॉपुलर हो गई है कि दूसरे लोग भी अपनी पुरानी साइकिल को मॉडिफाई कराने की बातें करने लगे हैं।
सिरिल बेक के बनाए इलेक्ट्रिक साइकिल सस्ती होने के साथ कई खूबियों से भरी हुई है। बैटरी को चार घंटे चार्ज करने पर 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यह साइकिल करीब 40 किलोमीटर तक आसानी से बगैर मेहनत के चल सकती है।

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