March 9, 2021

अनावरण न्यूज़

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दिल में देश भक्ति की भावना को भरना ही नेताजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलिःसुदेश

रांची:- आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा है कि भारत माता के सच्चे सपूत और नायक नेताजी सुभाषचंद्र बोस का त्याग, समर्पण, जज्बात और बलिदान युगों तक मिसाल बना रहेगा। दिल में देशभक्ति की भावना को भरना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सुभाषचंद्र बोस की 12वी जयंती पर सिल्ली के पतराहातू में आयोजित प्रतिमा अनावरण समारोह सह श्रद्धांजलि सभा में आजसू प्रमुख ने ये बातें कही। इससे पहले उन्होंने नेताजी की मूर्ति पर फूल माला चढ़ाकर शीश नवाए।
उन्होंने कहा कि आजाद हिंद फौज बनाने वाले नेता जी ने आजादी की खातिर भारत के लोगों खासकर युवाओं को लड़ना सिखाया था। हर युवा को नेताजी के जीवन को जानना- समझना चाहिए। आज का दिन झारखंड वासियों को भी गौरव बोध कराता है। क्योंकि देशनायक का झारखंड से भी गहरा नाता था, इसलिए
उन्होंने नारा दिया था- छीन कर लेंगे आजादी और यह नारा देश की आजादी में मशाल बन गई थी। एकता, अखंडता की जज्बा उनमें भरा था। आजादी के इन परवानों को देश हमेशा अपने दिलों में रखना चाहता है।
इधर, आजसू पार्टी, रांची महानगर के द्वारा 23 जनवरी 1897 को जन्मे नेता जी सुभाष चन्द्र बोस जी की जयंती सुभाष चौक, रांची यूनिवर्सिटी के सामने नेता जी की प्रतिमा को माल्यार्पण कर मनाई गई। महानगर के वक्ताओं ने “नेता जी“को याद करते हुए कहा की “तुम मुझे खून दो,मैं तुम्हे आजादी दूंगा“यह केवल एक नारा नहीं था बल्कि इस नारे ने सम्पूर्ण भारतवर्ष में राष्ट्र भक्ति का ज्वार पैदा किया जो भारत के स्वतंत्रता का बहुत बड़ा आधार भी बना। नेता जी सुभाष चन्द्र बोस वह नाम है जो शहीद देशभक्तों के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा है। सुभाष चन्द्र बोस जी की वीरता की गाथा भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सुनाई देती है। उनकी लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि भारत के लोग उन्हें प्यार से “नेता जी“कहते थे। उनके व्यक्तित्व एवं वाणी में एक ओज और आकर्षण था। उनके हृदय में राष्ट्र के लिए मर मिटने की चाह थी, उन्होंने आम भारतीयों के हृदय में इसी चाह की अलख़ जगा दी। उन्होंने आजाद हिन्द फौज का गठन किया। इनकी फौज ने अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया। कम संसाधन व सीमित संख्या में सैनिक होने पर भी नेता जी ने जो किया वह प्रशंसनीय है। बंगाल टाइगर कहे जाने वाले नेता जी अग्रणी स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे जिन्होंने “जय हिन्द“का भी नारा दिया। जो यह कहते हैं की शांति और अहिंसा के रास्ते से भारत को आजादी मिली, उन्हें एक बार नेता जी के जीवन चरित्र का अध्ययन करना चाहिए।
कार्यक्रम में रांची महानगर महासचिव रमेश गुप्ता, संगठन सचिव सुनील यादव,उपाध्यक्ष बिरेंद्र प्रसाद,जय श्रीवास्तव, राकेश सिंह, ओम वर्मा,राहुल तिवारी,अभिषेक शुक्ला आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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