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पटेल जयंती व इंदिरा गांधी की शहादत दिवस पर कांग्रेस भवन में दी गयी श्रद्धांजलि


संगोष्ठी और रक्तदान का आयोजन
रांची:- झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इन्दिरा गांधी की शहादत दिवस प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, रांची में मनाई गई। इस दौरान दोनों महान विभूतियों के चित्र पर माल्यार्पण कर कांग्रेस जनों ने श्रद्धासुमन अर्पित किया। उक्त आशय की जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने बताया कि आजादी के 75वीं वर्षगांठ (हीरक जयन्ती) बैठक में लिये गये निर्णय के तहत आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, कांग्रेस भवन, रॉंची में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर का शुभारंभ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने स्वयं रक्तदान करके किया, तत्पश्चात् प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष सह सांसद गीता कोड़ा, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी रक्तदान कर रक्तदान शिविर में भाग लेने वाले लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि आपका रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को लाभ पहुंचा सकता है।
आज के रक्तदान कार्यक्रम में कार्यालय प्रभारी अमुल्य नीरज खलखो, प्रवक्ता सतीश पाल मुंजनी,आभा सिन्हा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष कुमार गौरव, रांची ग्रामीण अध्यक्ष सुरेश बैठा, दिनेश लाल सिन्हा, संजय यादव, सोनु इमरान, राजु राम, जितेन्द्र त्रिवेदी, महिमा सिन्हा, रितेश कुमार सहित कई लोगों ने भी अपना रक्तदान किया।
इसके उपरांत अपराह्न 03 बजे से प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने की तथा गोष्ठी में विषय प्रवेश हीरक जयंती कार्यक्रम के संयोजक अनादि ब्रह्म ने किया। स्वागत भाषण अग्रणी मोर्चा के प्रभारी रविन्द्र सिंह तथा कार्यक्रम का संचालन प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने किया। गोष्ठी में पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने संबोधित किया तथा प्रवक्ता डॉ राकेश किरण महतो ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
गोष्ठी को संबोधित करते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि दोनों विभूतियों का योगदान एवं बलिदान को देश भुला नहीं सकता है। श्रीमती गांधी ने भारत का नाम विश्व में रोशन किया और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने ने कहा कि शहादत दिवस इसलिए मनाते है कि देश विभिन्नता में एकता चाहता है। इन्दिरा जी ने देश की एकता और अखण्डता के लिए अपनी कुर्बानी दी। वहीं ऐसे समय में जब लोकतंत्र के सभी स्तंभ कमजोर किये जा रहे है तो सरदार पटेल का योगदान को याद रखना जरूरी है। किसानों के प्रति उनके योगदान को देश कभी भुला नहीं सकता। इन स्तंभों का निर्माण करने वाले कांग्रेस नेताओं में से एक महत्वपूर्ण आवाज सरदार पटेल की थी। उन्होंने कहा कि पटेल का संघर्ष किसानों को कुचले जाने खिलाफ एवं किसानों के हक के लिए न्याय की लड़ाई में चट्टान की तरह डटे रहने की प्ररेणा देता है।
गोष्ठी के मुख्य वक्ता शिक्षाविद्य दिलीप तेतरवे ने कहा कि सरदार पटेल जी का राष्ट्र को एकजुट करने में अविस्मरणीय योगदान हैं। सरदार पटेल एक ऐसे इंसान थे जिन्होंने देश की आजादी के बाद एक किया। राजनीति में बिना किसी मोह से उन्होंने देश की सेवा को उन्होंने अपना प्रथम कर्तव्य माना तथा श्रीमती गांधी के कार्यकाल में बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया, मजदूरों के हित में व्यापक कार्य भी देश के प्रगति में किसानों को सर्वोपरि रखा गया। स्व0 गांधी ने भारत की छवि को पूरे विश्व में निखारने का कार्य किया है। स्व0 गांधी की दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण ही पाकिस्तान से बंग्लादेश को अलग कराया जा सका। उन्होंने ने कहा कि स्व. गांधी विकासशील देशों को एकजुट कर तीसरी शक्ति के रूप में दुनिया के पटल पर पेश किया, यह उनके अद्भूत क्षमता से हीं संभव था। उन्होंने कहा कि स्व. गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में 1974 के पोखरन विस्फोट के बाद परमाणु शक्ति सम्पन्न देश बना।
गोष्ठी को संबोधित करते हीरक जयंती कार्यक्रम के संयोजक अनादि ब्रहम ने कहा कि लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल का नेतृत्व विशाल था। उनके दृढ़ निश्चय के कारण ही उन्हें लौह पुरूष के नाम से जाना जाता है। उन्होंनें देश की एकता और अखण्डता को अछुण्य बनाये रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्व. पटेल के विचार एवं आदर्श आज के युग में बहुत ही प्रासंगिक है।
आज के कार्यक्रम में राकेश सिन्हा, अमुल्य नीरज खलखो, डॉ एम तौसीफ, सतीश पॉल मुंजनी, शमशेर आलम, गजेन्द्र सिंह, केदार पासवान, सलीम खान, चन्द्रशेखर शुक्ला, निरंजन पासवान, सुनील सिंह, दिनेश लाल सिन्हा, राजेश चन्द्र राजू, चन्दन बैठा, मदन महतो, गुलजार अहमद, प्रेम कुमार, शहीद अहमद, गुंजन सिंह, पिंकी सिंह, पार्वती सिंह, अनिता सिन्हा, शहनाज खातू, मिरा चौरसिया, पार्वती देवी, निलम सहाय, रमेश पांडे, विनोद साहु, गौरी शंकर महतो, रामाकंत आनंद, अशोक मिश्रा, शंकर साहू, भानू प्रताप बड़ाईक, संजय कुमार यादव, वारिश कुरैशी पप्पू खान रामानंद केशरी सहित सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद थे।

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