January 28, 2021

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गणेश शंकर विधार्थी को श्रद्धांजलि दी गई

रांची:- स्वतंत्रता सेनानी और सीपीआई (एम) के वयोवृद्ध नेता, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पूर्व केंद्रीय कमिटी सदस्य और बिहार राज्य कमिटी के पूर्व राज्य सचिव गणेश शंकर विधार्थी के निधन पर आज माकपा कार्यालय मे एक शोक सभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। गणेश शंकर विधार्थी जब छात्र थे उसी समय स्वतंत्रता आंदोलन मे भाग लेना शुरू कर दिया। वे बिहार मे एआईएसएफ के पहले प्रांतीय सचिव चुने गए। आंदोलन के दौरान आजादी के पूर्व और आजादी के बाद भी उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा।
उनका जन्म एक बड़े सामंती परिवार मे हुआ था लेकिन छात्र जीवन से ही मार्क्सवादी विचारधारा से परिचित होने के बाद उन्होंने अपना पुरा जीवन वंचित समुदाय के अधिकारों को प्रतिष्ठित करने मे लगाया। वे मात्र 17 साल की उम्र मे ही अविभाजित कम्युनिस्ट पार्टी मे शामिल हो गए। एक कम्युनिस्ट होने के नाते वे हमेशा सामाजिक परिवर्तन के संघर्ष को आगे बढ़ाने मे लगे रहे।
इस शोकसभा की अध्यक्षता माकपा के राज्य सचिव गोपीकांत बक्सी ने की। इस मौके पर भाकपा (माले) के राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद, सुभेंदु सेन,नदीम खान, भाकपा के अजय सिंह,मासस के सुशांत मुखर्जी, माकपा के प्रकाश विप्लव,सुख नाथ लोहरा,संजय पासवान प्रफुल्ल लिंडा, सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बारला, अशोक वर्मा,वरिष्ठ पत्रकार श्री निवास और इप्टा के उमेश नजीर समेत विभिन्न जनसंगठनों के दर्जनों प्रतिनिधि मौजूद थे. का. गणेश शंकर विधार्थी का निधन कल रात को पटना के एक अस्पताल मे हो गया. वे 97 वर्ष के थे।
माकपा की झारखंड राज्य कमिटी उनके निधन पर गहरे शोक का इजहार करती है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार और पार्टी की बिहार राज्य कमिटी को शोक संवेदना व्यक्त की गयी।

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