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ग्रामीण अर्थनीति में पेड़ पौधों का बड़ा योगदान है-स्पीकर

रांची:- झारखंड विधानसभा में वन महोत्सव का कार्यक्रम आज झारखंड विधान सभा अध्यक्ष रबिन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में भी कार्यक्रम में शरीक हुए, जबकिसंसदीय कार्य मंत्री सह ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम,कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग मंत्री मिथिलेश ठाकुर की गरिमामय उपस्थिति के साथ कार्यक्रम की शुरुआत विधानसभा सचिव महेंद्र प्रसाद के स्वागत भाषण से हुआ।
विधानसभा ने अपने संबोधन में कहा कि निरंतर वृक्ष की कटाई से पर्यावरण असंतुलन की समस्या उत्पन्न हो चुकी है। इससे निपटने की आवश्यकता है।यद्यपि हमारे पूर्वजों ने आज से 71 वर्ष पहले ही इसकी नींव रख दी थी इसी क्रम में हम आज 72वां वन महोत्सव मना रहे हैं। ग्रामीण अर्थनीति में पेड़ पौधों का बड़ा योगदान है कभी-कभी तो ऐसा भी देखा जाता है कि इमारती लकड़ी के पेड़ या फलदार वृक्ष से जो आय की प्राप्ति होता है हमें बड़े संकट से निजात भी दिलाता है। पर्यावरण संतुलन पर यदि हम समय रहते ध्यान नहीं दिए तो कहीं ऐसा ना हो कि बोतल बंद पानी के तर्ज पर बोतलबंद ऑक्सीजन लेकर हमें हमेशा साथ चलना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को प्रकृति ने धरती के ऊपर और धरती के नीचे अकूत संपदा से नवाजा है,जरूरत है इसे संजोने की परंतु हम अपने पर्यावरण को उतना संरक्षित नहीं कर पा रहे हैं जितना हमें करना चाहिए। माननीय मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में यह सुझाव भी दिया कि झारखंड विधानसभा का क्षेत्र जितना बड़ा है यदि एक फलदार वृक्ष को चयन कर वृक्षारोपण किया जाए तो विधानसभा का मेंटेनेंस का आय सृजन किया जा सकता है जो संपूर्ण देश के विधानसभाओं के लिए अनुकरणीय होगा।
मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि वन महोत्सव ही वन के महत्व को स्पष्ट करती है जिसकी शुरुआत आजादी के तुरंत बाद ही हो गई थी।हमें पर्यावरण को बचाने के लिए वचनबद्ध होना पड़ेगा। उन्होंने ’पानी रोको पेड़ रोपो का नारा को दोहराते हुए कहा कि बिरसा ग्राम योजना झारखंड में एक सफल वृक्षारोपण की योजना है। इसमें सभी लोगों को बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लेना चाहिए।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अपर वन संरक्षक एनपी सिंह ने किया। कार्यक्रम के तुरंत बाद विधानसभा प्रांगण में फलदार एवं छायादार वृक्षों का रोपण किया गया।
उक्त कार्यक्रम में सदस्यों के साथ-साथ वन विभाग एवं विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं झारखंड विधानसभा के पदाधिकारी एवं कर्मी की उपस्थित थे।

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