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साहिल को पकड़ने गुफा में घुसे आदिम जनजाति के तीन युवकों की दम घुटने से हुई मौत


एक का शव साथियों ने घसीटकर बाहर निकाला, दो शव का नहीं चल पा रहा है पता
गढ़वा:- झारखंड में गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र के तिसरटेटुका गांव स्थित पकवा बांध पहाड़ी की गुफा में साहिल (साही) का शिकार करने घुसे आदिम जनजाति के तीन युवकों की गुफा में फंस जाने तथा ऑक्सीजन की कमी के कारण दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गयी।
घटना सोमवार रात की बतायी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों में डंडई थाना के चकरी गांव निवासी उपेंद्र कोरवा (22 वर्ष), श्यामबिहारी कोरवा (30 वर्ष) औरउमेश कोरवा (30 वर्ष) के नाम शामिल है। इनमें उपेंद्र कोरवा का शव निकाला जा चुका है, जबकि श्यामबिहारी कोरवा एवं उमेश कोरवा के शव गुफा के अंदर ही फंसा हुआ है। अनुमान लगाया गया कि अंदर ऑक्सीजन की कमी के कारण दम घुटने से तीनों युवकों की मौत हुई है। दो अन्य शवों को नहीं निकाला जा सका है और उनकी तलाश जारी है। शव निकालने के लिये पहले मेराल और डंडई थाना पुलिस ने जेसीबी मंगाकर प्रयास किया। इसके बाद भी सफलता नहीं मिलने पर एनडीआरएफ की टीम को बुलाने की मांग की गयी है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि डंडई थाना क्षेत्र के चकरी गांव के नौ लोग सोमवार की रात में साहिल का शिकार करने के लिये जंगल गये हुये थे। वहां वे पकवा बांध पहाड़ी के गुफा में करीब 15 फीट अंदर पथरीली गुफा में नीचे उतरे थे, जहां यह घटना घटी। शिकार करने गये नौ लोगों में से जीवित बचा सूरज कोरवा के अनुसार प्रथम प्रयास में छह लोग गुफा के अंदर प्रवेश किये थे। लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली, तो लौटकर गुफा से बाहर आ गये। लेकिन श्याम बिहारी कोरवा के कहने पर उसके साथ उमेश कोरवा तथा उपेंद्र कोरवा गुफा के अंदर पुनः प्रवेश किये। इस दौरान आगे के दो युवक गुफा के अंदर एक मोड़ पर घुस गये। तीसरा जैसे ही मोड़ पर पहुंचा, उसका दम घुटने लगा और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। गुफा की रास्ता बहुत ही पतला और संकीर्ण था। इसके कारण पीछे के दो अन्य साथियों ने उसे किसी तरह घसीट कर गुफा से बाहर निकाला। निकालने के बाद उसे देखा तो वह मृत हो चुका था। मृतक की पहचान डंडई थाना क्षेत्र के उपेंद्र कोरवा पिता रघुनाथ कोरवा के रूप में की गयी। लेकिन दो अन्य साथी श्याम बिहारी तथा उमेश कोरवा को वे ढूंढ़ नहीं पाय।तब उन्होंने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। इसके बाद पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गयी। शिकार करने गये लोगों में सूरज कोरवा, शिवनाथ कोरवा, दिलीप कोरवा, शंकर कोरवा तथा दो अन्य युवक शामिल थे।

चार साल से साहिल मारते रहे हैं युवक
अपने दोस्तो के साथ साहिल मारने गया झरी कोरवा ने बताया कि वे लोग इस गुफा से चार वर्षों से जंगली साहिल को मारते आ रहे थे। परंतु आज पहली बार यह अनहोनी घटना घटी है। उसने बताया कि सोमवार की रात करीब 11 बजे नौ साथी जंगल में गये हुये थे। उन्होंने गुफा में साहिल को जाते हुये देखा था। उसके साथी श्याम बिहारी कोरवा, उमेश कोरवा और उपेंद्र कोरवा गुफा के अंदर गये, लेकिन वे बाहर नहीं निकल सके. बाहर नहीं निकला तो शक हुआ, तो खुद ही झरी कोरवा गुफा के अंदर गया। वहां अपने दो साथियों के साथ जहां यह फंसा देख निकालने का प्रयास किया, परंतु इसकी भी सांसे रुकने लगी। वह अपने दोस्तों को आवाज देकर बाहर निकला।

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