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प्रभारी आरपीएन सिंह की आंखों में खटक रहे तीन प्रवक्ता पदमुक्त


रांची:- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी में त्रिदेव के रूप में चर्चित आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डॉ. राजेश गुप्ता छोटू को प्रदेश प्रवक्ता पद से मुक्त कर दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस में करीब दो वर्षां तक सबसे अधिक सक्रिय रहे तीनों प्रवक्ता को खराब परफार्मेंश की वजह से नहीं हटाया गया है, बल्कि हाल के दिनों में जिस तरह से तीनों प्रवक्ता प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह की आंखों में खटक रहे थे, उससे तीनों का हटना भी तय माना जा रहा था।
कांग्रेस पार्टी के सांगठनिक स्थिति पर लंबे समय से नजर रख रहे राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाल के कुछ वर्षां में पार्टी आलाकमान द्वारा ही प्रदेशों में गुटबाजी को बढ़ावा दिया गया है। पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की तरह ही झारखंड जैसे पार्टी शासित राज्यों में भी गुटबाजी बढ़ाने में प्रभारियों और सह प्रभारियों की भूमिका काफी अहम रही। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने बड़े ही विश्वास के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न राज्यों का प्रभारी बनाकर संगठन को मजबूत बनाने की जिम्मेवारी सौंपी, लेकिन ये प्रभारी संगठन को दुरुस्त और मजबूत करने की बजाय अपने करीबी और बिना जनाधार वाले नेताओं को बड़ी-बड़ी जिम्मेवारी सौंपने लगे। इसी क्रम में झारखंड में भी हाल के दिनों में प्रदेश अध्यक्ष और चार कार्यकारी अध्यक्ष ऐसे नेताओं को बना दिया गया, जो दूसरे दल से आये थे और पार्टी के खिलाफ ही पूर्व में विधानसभा चुनाव लड़ चुके थे। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर भले ही अपने एनएसयूआई और युवा कांग्रेस में रहने की दुहाई देते रहे है, लेकिन यह भी हकीकत है कि वे दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं युवा कांग्रेस के रहने के दौरान राजेश ठाकुर ने बोकारो विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ एनसीपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, हालांकि यह बात अलग है कि इस चुनाव में उनकी जमानत जब्त हो गयी थी और उन्हें सिर्फ 1500 भी कम वोट मिले थे।
इनमें से ही एक नेता पूर्व में भी प्रदेश कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर रहते हुए लगातार प्रभारी आरपीएन सिंह को फीडबैक देते रहते थे, उन्हीं की वजह से आरपीएन सिंह का त्रिदेव के रूप में चर्चित प्रवक्ता उनके निशाने पर आ गये और प्रारंभ में अच्छा संबंध रहने के बावजूद प्रभारी से संबंध बिगड़ गया।
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश कांग्रेस में नयी टीम का गठन होने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस सदस्यता प्रभारी आलोक कुमार दूबे ने इस जिम्मेवारी से खुद को मुक्त करने का आग्रह किया, साथ ही उन्होंने अपने त्यागपत्र में यह भी लिखा कि नयी टीम अध्यक्ष बनने के साथ ही पुरानी टीम स्वतः ही भंग हो जाती है, इसलिए अभी उन्हें कोई नयी जिम्मेवारी नहीं दी जाए। आलोक कुमार दूबे के इस पत्र के बाद ही प्रवक्ताओं की नयी टीम गठित करने का दबाव बढ़ा और आनन-फानन में 8 प्रवक्ताओं की नयी टीम की घोषणा कर दी गयी। जिस तरह से प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष बाहर से आये लोगों को बनाया गया, उसी तरह से प्रवक्ताओं की नयी टीम में भी तीन प्रमुख चेहरे राजीव रंजन,डॉ0 राकेश किरण महतो और डॉद्ध मंजू कुमारी शामिल है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर का अभी तक मीडिया प्रभारी के पद से मोहभंग नहीं हो सका है। उनकी राजनीति प्रमुख रूप से मीडिया के ईद-गिर्द ही घूमती रही है, इसलिए प्रवक्ताओं की टीम की घोषणा कर देने के बावजूद मीडिया प्रभारी के पद को अपने ही पास रखा है।
कांग्रेस के बाहर से आये लोगां को ही महत्वपूर्ण जिम्मेवारियां सौंपने से पार्टी के समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्त्ताओं में खासा रोष देखा जा रहा है। इस तरह के कदम से आने वाले समय में संगठन को मजबूती मिलेगी या पार्टी कमजोर होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

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