अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

ठिठुरती ठंड में फुठपाथ पर सोने वालों के लिए वरदान साबित होगा यह रेस्क्यू वाहन 

गरीबों के जीवन में नया सवेरा , आश्रय विहीनों को मिल रहा है बसेरा



रांची:- रांची स्थित दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन  के तहत  नगरीय प्रशासन निदेशालय धुर्वा में  डीएमए निदेशक विजया जाधव, भाव प्रव सेव एवं  राज्य स्तरीय आश्रय गृह निगरानी समिति के अध्यक्ष ए के पाण्डेय द्वारा संयुक्त रूप से राँची नगर निगम क्षेत्र में  संचालित विभिन्न आश्रय गृहों तक असहाय एवं बेघर आश्रयविहीनों को सुगमता से पहुंचाने हेतु 2 रेस्क्यू वाहन को रवाना किया गया। मौके पर सहायक निदेशक   योगेन्द्र प्रसाद , राज्य मिशन प्रबंधक   कुमार बम , एच डी एफ सी बैंक के क्षेत्रीय विपणन पदाधिकारी परविंदर सिंह तथा शाखा प्रबंधक शुभेश्वर झा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।  आज इस अवसर पर आश्रय गृह संचालकों को रेस्क्यू वाहन की चाभी सौंपी गयी एवं निदेश दिया गया कि शहर के प्रमुख सड़कों , बाज़ार , रेलवे स्टेशन , बस स्टैंड जैसे जगहों पर नियमित रूप से भ्रमण कर बेघर व असहाय लोगों को आश्रय गृह तक पहुँचाया जाए ।
राज्य में अभी भीषण ठंड के मौसम को देखते हुए निदेशक, नगरीय प्रशासन निदेशालय ,नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखण्ड के निदेशानुसार सभी निकायों द्वारा विशेषकर रात्रि में अभियान चलाया जा रहा है एवं खुले में सोने वाले बेघर व बेसहारा लोगों को आश्रय गृह में ले जाकर उन्हें जीने का सहारा दिया जा रहा  है ।
इस हेतु दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन  के तहत राज्य भर के विभिन्न नगर निकाय क्षेत्र में संचालित होने वाले आश्रय विहीनों के लिए स्थापित निःशुल्क आश्रय गृहों की व्यवस्था को राज्य सरकार द्वारा पहले से अधिक चुस्त-दुरूस्त किया जा रहा है। इस विशेष अभियान को ठंड के मौसम के मद्देनजर अधिक तेजी के साथ कार्यरूप दिया जा रहा है । 

आश्रय गृहों की वर्तमान स्थितिः
वर्तमान में राज्य के 32 नगर निकायों में स्थापित कुल 56 आश्रय गृहों में 1,585 बेड की व्यवस्था है। इनमें से वर्तमान में रांची नगर निगम क्षेत्र में कुल 10 आश्रय गृहों का संचालन  किया जा रहा है, जिनमें से 9 पुरूष व 1 महिला आश्रय गृह शामिल हैं । राँची के आईटीआई बस स्टैंड, बकरी बाजार, बिरसा मुंडा बस टर्मिनल, धुर्वा बस स्टैंड, जगरनाथपुर, कर्बला चौक, रिम्स, एजी मोड़ डोरंडा तथा मधुकम में आश्रय गृहों का संचालन किया जा रहा है।

आश्रय गृहों में इस तरह की हैं सुविधाएं 
ठंढ से बचाव के लिए पर्याप्त सुविधाएं यानी रूम हीटर, बेड, लॉकर, कंबल, आरओ फ्रेश वाटर आदि उपलब्ध हैं। आश्रय गृह में सुरक्षित परिवेश की व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया है। साथ ही यहां रहने वाले बेघर व असहाय लोगों के लिए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर फुटपाथ पर सोने वाले लोगों को आश्रय गृह पहुंचाया जा रहा है। राज्य के सभी नगर निकायों में लक्षित असहाय और जरूरतमंदों  एवं आम जनता तक आश्रय गृह के संबंध में पूरी जानकारी भी दी जा रही है। इस सन्दर्भ में नियमित रूप से माइक अनाउंसमेंट , होर्डिंग एवं फ्लेक्स ,पोस्टर, रेडियो जिंगल का प्रसारण इत्यादि  प्रचार प्रसार की गतिविधियाँ आयोजित की जा रही है प् उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि सरकार के द्वारा नगर निकाय क्षेत्र में कितने आश्रय गृह हैं तथा वे कहां पर स्थित हैं जहां उनके लिए निःशुल्क ठहरने की व्यवस्था है। इन आश्रय गृहों में कंबल, बेड, पानी, बिजली आदि की व्यवस्था है, इसलिए कृप्या कर सड़क पर न सोकर वे आश्रय गृह में जाकर आश्रय  लें । जरूरतमंद व असहाय लोगों को रेस्क्यू कर आश्रय गृहों तक पहुंचाया जा रहा है ।
राजधानी रांची में नगर निगम में इन रैन बसेरों की निगरानी के लिए रांची नगर निगम के पांच अधिकारियों की टीम बनाई गई है। इसके अलावा तकरीबन 25 फील्ड स्टाफ को भी लगाया गया है। जो प्रतिदिन रात में रैन बसेरों का निरीक्षण करते है।

आश्रय गृहों में 2,48,244 ऑक्यूपेंसी रिकॉ

राज्यभर के विभिन्न नगर निकायों में स्थापित कुल 56 आश्रय गृहों में लगभग 1585 बेड की व्यवस्था है। प्रत्येक नगर निकाय क्षेत्रों की अलग-अलग उपलब्धियां है। रांची नगर निगम के अंतर्गत 10 आश्रय गृह संचालित हैं। इसकी उपलब्धियों के बारें में बात करें तो जनवरी 2021 से लेकर दिसंबर 2021 तक तक़रीबन 26,563 ऑक्यूपेंसी रिकॉर्ड किया गया है । जो अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

%d bloggers like this: