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सेमीफाइनल के लिए सलीमा और निक्की के गांव में था ओलंपिक जैसा उत्साह


शिकस्त के बाद भी हौसलों हैं बरकरार, अगले ओलंपिक के लिए कई खिलाड़ी हो रहे तैयार
रांची:- टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल बुधवार को अर्जेन्टीना के खिलाफ भारतीय महिला हॉकी टीम के खेल को देखने के लिए हॉकी स्टार सलीमा टेटे के पैतृक गांव बडकीछापर और निक्की प्रधान के पैतृक गांव खूंटी जिले के हेसल में ओलंपिक के जैसा उत्साह था। खेल में भारतीय टीम कांटे के टक्कर देती हुए शिकस्त हासिल की। लेकिन सलीमा के गांव में खेल की उत्साह नहीं हारी। खेल का अंडर करंट जीत गया और इस हार के बाद दोनों जिले और हॉकी की नर्सरी में सभी बेटियां अगले ओलंपिक में गोल्ड लाने का जुनून पालने लगी।
सिमडेगा की हॉकी स्टार बेटी सलीमा के घर बडकीछापर में बुधवार को सेमीफाइनल शुरू होते हीं ओलंपिक जैसा उत्साह देखने की मिला। टोक्यो ओलंपिक में सेमीफाइनल की शुरूआत में हीं भारतीय महिला हॉकी टीम ने एक गोल लगाकर सभी की उत्साह बढा दी थी। सलीमा के गांव बडकीछापर में प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए बडे से टीवी में बेटी सलीमा को खेलता देख पूरा गांव उत्साहित नजर आया। इस गांव में भी टोक्यो जैसा उत्साह आज नजर आया। हॉकी सिमडेगा ने गांव में टेंट एवम कुर्सी इत्यादि लगाकर गांव वालों को मैच देखने की व्यवस्था की थी। सलीमा के घर के आंगन में टीवी निकाल कर मैच देखने की व्यवस्था थी। सभी ग्रामीण एक एक बडे बच्चे सभी टीवी के आगे जम कर मैच देखने लगे। टोक्यो के मैदान पर दौडते बॉल और पीछे भागते हॉकी स्टीक के साथ बडकीछापर गांव के लोगो की उम्मीदें और उत्साह भी दौडने लगी। अर्जेंटीना के दूसरे गोल लगाने बाद भारतीय टीम पर बढते प्रेशर ने सलीमा के गांव की भी धड़कनें बढा दी। तीसरे क्वाटर की समाप्ति पर सलीमा के पिता ने भारत के जीत के लिए ईश्वर की विनती की साथ हीं पूरा गांव ईश्वर से प्रार्थना करने लगा कि भारतीय टीम को जीत मिले। चौथे क्वार्टर फाइनल की शुरूवात से सभी की सांसे घड़ी के बढते सुई और मैदान में बढते रोमांच के साथ बढने घटने लगे। मैच की समाप्ति पर भारतीय टीम की शिकस्त हुई। लेकिन सलीमा के घर और गांव की उत्साह बरकार रही। गांव वालों ने कहा यही काफी है कि इतिहास में पहली बार सलीमा सहित पूरी भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल खेली। यही बहुत बडी बात है। यह गांव आज भी तैयार है। इस हार से सीख लेकर अगले ओलंपिक में सलीमा की न महिमा सहित गांव कई बेटियों को सलीमा बना कर भेजेगा। सलीमा के पिता सुलक्शन टेटे ने मैच समाप्त होने के बाद कहा कि भारतीय महिला टीम ने बेहतर खेला। हार जीत तो खेल में लगा रहता है। उन्होने कहा इस मैच से एक सीख मिली है। जो खामियां रह गई है उसे दूर कर फिर से अगले ओलंपिक में गोल्ड लिया जाएगा। गांव वालों के साथ बैठ कर मैच देख रहे हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने ओलंपिक में मैच के परिणाम से थोडे असंतुष्ट दिखे। लेकिन उन्होने कहा अभी तो शुरूआत है, सफर अभी बाकी है। उन्होने कहा भारत की बेटियां इस बार एक कदम आगे बढाई है। अगले बार मंजिल फतेह कर लेगीं। राज्य को सबसे अधिक राष्ट्रीय एवम अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी देने वाले विद्यालय करगा गुड़ी में भी हॉकी सिमडेगा के अनुरोध पर वहां के मुखिया शिशिर मिंज द्वारा बड़े स्क्रीन वाला टीवी लगवाया था जहां भी कई राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवम उभरते हुए खिलाड़ी एवम उनके अभिभावक मैच का आनंद उठाया। आज के मैच के लिए प्रशासन भी काफी सक्रिय था ,बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता अपने कर्मचारियों को विशेष निर्देश दिए थे किसी भी परिस्थिति में मैच के समय जिला के किसी भी कोना में बिजली ना कटे। सिमडेगा के उपायुक्त सुशांत गौरव खुद से सक्रिय थे लगातार फोन कर हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारियों से फोन से जानकारी ले थे कि जिला के सभी जगह कही भी मैच देखने में परेशानी हो तो बतलाए, जिला के कई पंचायत घर में भी ग्रामीण टीवी देख रहे थे।
इधर, भारतीय महिला हॉकी टीम में खूंटी जिले के हेसल गांव की रहने वाली निक्की प्रधान भी शामिल थी। निक्की प्रधान के पैतृक गांव हेसेल में प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चे, युवा और सीी खेलीप्रेमी हॉकी का सीधा प्रसारण देखने के लिए जुटे थे। प्रशासन की ओर से गांव में प्रोजेक्टर के माध्यम से मैच देने की व्यवस्था की गयी थी।

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