May 13, 2021

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सर्वोच्च न्यायालय के फैसले आने से अभिभावकों में राहत की एक आस जगी – अजय राय

रांची:- सोमवार को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान के शैक्षणिक सत्र 20 21 स्कूल फीस मसले पर कोई सुनवाई के बाद स्कूल प्रशासन और अभिभावकों को कई दिशा निर्देश दिए हैं जिसके तहत कोई भी स्कूल सत्र 2021 में स्कूल फीस में 15प्रतिशत कम फीस वसूल करें। कोर्ट ने कहा कि फीस का भुगतान नहीं होने पर किसी भी छात्र को वर्चुअल या भौतिक रूप से कक्षा में शामिल होने से रोका नहीं जाए। उनका परिणाम भी नहीं रोका जाए। शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए छात्रों या अभिभावकों द्वारा शुल्क का भुगतान छह बराबर किस्तों में किया जाएगा।
इस निर्णय का स्वागत करते हुए झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से देश के करोड़ों करोड़ अभिभावकों में एक आस जगी है कि अब उन्हें समुचित न्याय मिलेगा।
अजय राय ने झारखंड सरकार से मांग की है कि वह सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को देखते हुए झारखंड के सभी प्राइवेट स्कूलों के लिए एक सर्कुलर जारी करें जिन स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास के नाम पर पूरी फीस के साथ साथ अन्य कई तरह का फीस अभिभावकों से वसूला है उसे वह वापस करें या ट्यूशन फीस में समायोजित करें।
अजय राय ने कहा कि झारखंड के अंदर प्राइवेट स्कूलों के के द्वारा ट्यूशन फीस के अलावा बिल्डिंग फंड ,डेवलपमेंट फंड ,एनुअल फीस, रीएडमिशन ,लैब चार्ज ,कंप्यूटर फीस, स्मार्ट क्लास मेंटेनेंस सीजर ना जाने की तरह के फीस वसूली गए जो ऐसे भी झारखंड सरकार के 25 जून 2020 के फैसले के विरूद्ध है।
अजय राय ने कहा कि झारखंड सरकार इस पर अभिलंब कोई निर्णय नहीं लेती है तो झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन आंदोलन के साथ साथ कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगी।

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