May 11, 2021

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केन्द्र सरकार की नीति सिर्फ जनता को धोखा देने की रही हैः शमशेर आलम

रांची:- केन्द्र सरकार की सभी विकास योजनाएं फ्लॉप साबित हो रही है, इस कारण केन्द्र के मोदी सरकार ने पीपीएफ और सभी तरह की छोटी बचत योजनों पर ब्याज दरों में (मार्च से जून 2021 तिमाही के लिए) भारी कटौती की है, ये मध्यवर्गीय एवं निम्नवर्गीय परिवार के साथ धोखा है, उक्त बातें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता शमशेर आलम ने कही।
उन्होंने कहा कि देश की मोदी सरकार में आम नागरिकों की जेब पर एक फिर से जोर का झटका दिया है। केंद्रीय वित्त ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स सहित आम इंसान की कई आम बचत योजनाओं पर मिलने वाले इंटरेस्ट रेट्स में बड़े बदलाव कर दिए हैं। वहीं पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) पर मिलने वाले इंटरेस्ट रेट में भी भारी कटौती की गई है। मालूम हो कि पीपीएफ में पिछले 46 सालों में सबसे कम ब्याज मिलेगा, जो साफ दर्शता की केन्द्र की मोदी सरकार हर मोर्चा पर विफल साबित हो रही है। खुद को बचाने के लिए पूरे देश को बर्बाद करने को उतारू हो गई है। भाजपा की मोदी सरकार को देश की जनता कभी नहीं माफ करेगी तथा मोदी सरकार को त्वरित जवाब देते हुए पांच राज्य में होने वाले चुनाव में मोहतोड़ रूप से देगी।
प्रवक्ता शमशेर आलम ने कहा कि पिछले एक साल में यह मोदी सरकार की दूसरी बार आमजनता पर हमला है जब सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम्स के इंटरेस्ट रेट में कटौती की है। 1 अप्रैल, 2021 से, डाकघर बचत योजनाएं ब्याज दरों को इस प्रकार लागू होगी। नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) पर अब 6.8 प्रतिशत के बदले 5.9 प्रतिशत इंटरेस्ट मिलेगा। किसान विकास पत्र पर अब 6.9 प्रतिशत के बदले 6.2 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। इसके अलावा सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाले ब्याज को 7.6 प्रतिशत से घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की नारा भी अब पुर्णता झूठा साबित हो रही है क्योंकि सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाले ब्याज दर को भी कम कर दिया है।
झारखंड कांग्रेस के प्रवक्ता शमशेर आलम ने कहा कि 46 साल में पहली बार निवेशकों को सरकार से ऐसा बड़ा झटका लगा है। पीपीएफ में इनवेस्‍ट करने वाले लोगों को बचत पर मिलने वाला वार्षिक इंटरेस्ट रेट को 7 फीसदी से घटाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया गया है। पीपीएफ पर इससे पहले मिलने वाली ब्याज दर 7.1 फीसदी थी। सरकार द्वारा जारी नई दरें 1 अप्रैल, 2021 से लागू होंगी। वर्ष 1974 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब केंद्र सरकार अब पीपीएफ निवेशकों को सालाना इंटरेस्ट रेट 6.4 प्रतिशत देगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने 200 रूपया गैस सिलेंडर में बढ़ाकर चुनाव के वक्त 10 रूपया कमी कर जनता के आंख में धूल झोंकने का काम कर रही है।

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