June 14, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

जिस भगवान के नाम पर सियासतें होती, सरकारें बनती-बिगड़ती है, उस अमर शहीद के परिजन आज भी मुश्किल में

रांची:- झारखंड में जिस भगवान के नाम पर सियासतें होती हैं, सरकारें बनती और बिगड़ती है, उसी भगवान बिरसा मुण्डा का गांव आज भी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा ने जिस जगह जन्म लिया, वहां अरसा बीत जाने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। अमर शहीद बिरसा मुंडा ने जिस जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए मात्र 25वर्ष की उम्र में अपनी शहादत दे दी, 121 साल बाद भी उनके परिवार की स्थिति नहीं बदली है, उनकी परपौत्री जौनी कुमारी आर्थिक कठिनाई और घर-परिवार चलाने के लिए बाजार में सब्जी बेच रही है। वहीं उनके वंशज सुखराम मुंडा आज भी सरकार से गांव के लिए पानी, बिजली, शिक्षा और रोजगार की मांग कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष 9 जून को भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के मौके पर उनके जन्मस्थली उलिहातू में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। परंतु भी अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा के गांव उलिहातु के ग्रामीणों को अब भी स्वस्च्छ पेयजल सुविधा के अभाव में चुंआ पर निर्भर रहना पड़ता है। गांव में बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी घोर अभाव है।
अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु में रहने वाले ग्रामीण अब भी यह उम्मीद संजोये बैठे है कि सरकार की घोषणाओं के अनुरूप गांव के विकास की योजनाएं जल्द ही धरातल पर उतरेगी।

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