February 28, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

केसर से लहलहा रही चतरा की धरती, लाल सोना से चमकती महिलाओं की किस्मत

कश्मीर को टक्कर दे कर चतरा में की जा रही है बड़े पैमाने पर केसर की खेती

चतरा:- झारखंड के चतरा जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर की दुरी पर अवस्थित सिमरिया प्रखंड के चलकी और सेरंगदाग गांव में गरीबी का दंश झेल रहे महिलाओं ने जेएसएलपीएस संस्था की मदद से केसर की खेती कर गरीबी दूर करने की ठान ली है। इस गांव की महिलाएं केसर की खेती कर देश भर की महिलाओं के लिए जहाँ मिसाल बन रही हैं।वहीँ दूसरी ओर ये महिलायें पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी साकार करने में जुटी है।
यहां की महिलाओं ने अक्टूबर में केसर लगाया था। छह से सात माह में केसर तैयार हो जाता है। इससे महिलाएं अच्छी आमदनी पाकर मालामाल हो सकते हैं। गांव की महिला सरिता देवी ने कहा कि जेएसएलपीएस के समूह से जुड़कर केसर की खेती करने का प्रशिक्षण लिया। जिसके बाद ऋण लेकर केसर की खेती कर लाभ कमा रही हैद्य वहीँ पति के बैठ जाने के बावजूद घर के खर्चे व बच्चों की पढाई की भी बीड़ा उठा रही है।
चतरा में पहली बार महिलाओं ने केसर की खेती करना शुरू किया है। इस केसरिया सोने की खेती से यहां के महिलाओं को लागत से 25 गुना मुनाफा होने की उम्मीद है। अप्रैल तक फसल तैयार होने की संभावना है। बाजार में गुणवत्ता के आधार पर केसर के 80 हजार से एक लाख रुपए प्रति किलो के भाव है। दूसरी तरफ राजकुमारी देवी ने बताया कि गांव की महिलाओं के कहने पर समूह से जुड़ने के बाद तीस हजार का ऋण लेकर केसर का बीज खरीद कर खेती कर रहे हैं। यहां की महिलाओं ने एक एकड़ से अधिक जमीन पर केसर की खेती शुरू की है।
जेएसएलपीएस के प्रखंड प्रबंधक राहुल रंजन पाण्डेय बतातें हैं कि संस्था की निगरानी में सखी मंडल की दिदिओं को बैंकों से ऋण उपलब्ध करवाकर पूरी तरह से जैविक तरीके से की जा रही है और अब केसर की फसल से खेत की क्यारीयां भी महकने लगी हैद्य कहते है कि इसके फूल को सुखाकर एकत्रित किया जाता है, जिसकी जांच सरकारी प्रयोगशाला में कराई जाती है। जांच में गुणवत्ता तय होने के बाद किसानों को प्रमाण पत्र दिया जाता है। इसके आधार पर ही किसान को 80 हजार से एक लाख रुपये तक का भुगतान खरीददार करते हैं।
हालाँकि केसर की खेती के लिए अभी तक कश्मीर की वादियों को मुफीद माना जाता था और पूरे देश में केसर की आपूर्ति कश्मीर से ही होती थी। किंतु अब चतरा में भी बड़े पैमाने पर की जा रही केसर की खेती के जरिये कश्मीर को भी टक्कर देने की कोशिशें की जाने लगी है।नियर, प्रिंसिपल चीफ ऑपरेशन मैनेजर एवं चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर सहित कई अधिकारी शामिल हुए।

आमाघाटा भूमि घोटाला

नेक्सेस में शामिल लोगों पर होगी कड़ी कार्रवाई

एडीएम लॉ एंड ऑर्डर की निगरानी में की जाएगी पूरी जमीन की मापी

फर्जी जमाबंदी होगी रद्द

राजकीय पॉलिटेक्निक के भूमि अतिक्रमण की जांच करेंगे एसडीओ, सीओ

आमाघाटा भूमि घोटाले मामले पर उपायुक्त श्री उमा शंकर सिंह ने कहा कि इसमें किसी प्रकार की लीपापोती नहीं की जाएगी। इसके लिए एडीएम लॉ एंड ऑर्डर श्री चंदन कुमार की निगरानी में पूरी जमीन की मापी की जाएगी। जमीन मापी के बाद सभी को नोटिस किया जाएगा। यदि किन्हीं के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं होंगे या फर्जी दस्तावेज के आधार पर गैरमजरूआ जमीन को अपने कब्जे में लिया होगा, तो सरकारी प्रावधान के अनुसार जमाबंदी को रद्द कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। साथ ही संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा जिला प्रशासन ने यह भी निर्णय लिया है कि सिर्फ जमाबंदी रद्द कर ऐसे फर्जी लोगों को नहीं छोड़ेंगे बल्कि इस पूरे नेक्सेस में शामिल राजस्व कर्मचारी, अंचल अधिकारी, भू-माफिया को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए आगे बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा वैसे अंचल अधिकारी और राजस्व कर्मचारी, जिसके समय में यह जमाबंदी खुली, उनकी जवाबदेही बनती थी इसे रोकने की। जिला प्रशासन यह भी जांच करेगा कि वैसी फर्जी जमाबंदी किस कारण से खुली और संबंधित पदाधिकारी उसे रोकने में क्यों असफल रहे। जांच में नियमों की अवहेलना मिलने पर जिला प्रशासन एफआइआर दर्ज करने का भी आदेश देगा।

राजकीय पॉलिटेक्निक के भूमि अतिक्रमण की जांच करेंगे एसडीओ, सीओ

राजकीय पॉलिटेक्निक की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को लेकर उपायुक्त ने एसडीओ श्री सुरेन्द्र कुमार एवं अंचल अधिकारी धनबाद श्री प्रशांत लायक को प्राथमिकता देते हुए सारे दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि राजकीय पॉलिटेक्निक की जमीन पर अतिक्रमण से संबंधित एक पत्र सचिव, उच्च शिक्षा से प्राप्त हुआ है। इस संदर्भ में एसडीओ एवं अंचल अधिकारी धनबाद को टीम बनाकर कॉलेज प्रबंधन से मिलकर जमीन की मापी करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा रिकॉर्ड के अनुसार राजकीय पॉलिटेक्निक के पास 76 एकड़ जमीन है। एसडीओ एवं सीओ जांच कर अतिक्रमणकारियों को चिन्हित करेंगे और उन्हें नोटिस करेंगे। अतिक्रमणकारियों से कागजात की मांग करेंगे। सरकारी जमीन के अतिक्रमण की शिकायत को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

बैठक में उपायुक्त श्री उमा शंकर सिंह, उप समाहर्ता भूमि सुधार श्री सतीश चंद्रा, अनुमंडल पदाधिकारी श्री सुरेन्द्र कुमार, अंचल अधिकारी श्री प्रशांत लायक, आइटी रेवेन्यू श्री रूपेश मिश्रा उपस्थित थे।

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