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अवैध उत्खनन एवं बालू की अवैध उठाव पर सख्त हुए आयुक्त, कहा- संलिप्तता पाये जाने पर नपेंगे पदाधिकारी


मेदिनीनगर:- पलामू प्रमंडल क्षेत्र में अवैध उत्खनन एवं बालू की अवैध उठाव पर आयुक्त जटाशंकर चौधरी सख्त हुए। उन्होंने इन मामलों में खनन पदाधिकारियों या अन्य पदाधिकारियों की संलिप्तता मानते हुए उनके खिलाफ की कार्रवाई की चेतावनी दी। आयुक्त आज प्रमंडल क्षेत्र के तीनों जिले पलामू, लातेहार व गढ़वा जिले में चल रहे खनन कार्यो की समीक्षा कर रहे थे। आयुक्त कार्यालय में आयोजित बैठक में आयुक्त ने खनीज की अवैध उत्खनन पर गंभीरता जताते हुए श्रम अधीक्षक, खनन पदाधिकारी, परिवहन पदाधिकारी एवं प्रदूषण विभाग के पदाधिकारियों की टीम बनाकर नियमित रूप से छापेमारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही अवैध कोयला खनन एवं उसके परिवहन को लेकर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट स्थापित करने हेतू स्थान चयनित करने का निर्देश दिया, ताकि इसपर लगाई जा सके।
उन्होंने कहा कि खनिज के अवैध उत्खनन एवं बालू की अवैध उठाव से संबंधित विभिन्न माध्यमों से शिकायत मिलती है। इसके लिए जिला खनन पदाधिकारी एवं संबंधित अंचल के अंचल पदाधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी अंचल में अवैध उत्खनन या परिवहन की सूचना मिलती है और उसके विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती है, तो संबंधित अंचलों के अंचल अधिकारी भी कार्रवाई के घेरे में आयेंगे।
आयुक्त ने पलामू प्रमंडल के तीनों जिले के जिला खनन पदाधिकारियों को खनिज की अवैध उत्खनन एवं बालू की अवैध उठाव पर रोक लगाने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी का खनन पट्टेधारियों के स्थल की माफी करायें और यह पता लगायें कि वह जितने का लीज लिए हैं, उतना से अधिक पर उत्खनन तो नहीं कर रहे हैं। आयुक्त ने बिना सीटीओ चिमनी ईट भट्ठा के संचालन पर खनन पदाधिकारी को स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। वहीं खनन पट्टेधारियों की सूची प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को देने का निर्देश संबंधित जिलों के जिला खनन पदाधिकारी को दिया है। राजस्व जमा नहीं करने वालों के विरुद्ध वसूली करने व राजस्व जमा नहीं करनेवालों पर सर्टिफिकेट केस करने का निर्देश दिया।
आयुक्त ने लातेहार जिले के मानपुर, चंदवा, महुआडांड़ प्रखंड, पलामू जिले के अमानत, कोयल नदी के विभिन्न घाटों, गढ़वा जिले के कनहर, मझिआंव के कोयल नदी एवं अन्य छोटे-छोटे स्थानों से बालू की अवैध उठाव की शिकायत को लेकर आयुक्त ने गंभीरता जताते हुए खनन पदाधिकारियों को कार्रवाई करने एवं पूर्व की कार्रवाई का एक्शन टेकन रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उन्होंने अवैध उत्खनन एवं बालू के अवैध उठाव के खिलाफ हुए करवाई एवं प्राथमिकी की स्टेटस रिपोर्ट भी सौंपने का निर्देश दिया। वहीं खनिज की अवैध उत्खनन की स्थिति में किए गए कार्रवाई की करवाई प्रतिवेदन भी सौंपने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने क्रशर द्वारा प्रतिदिन कितना सीएफटी उत्पादन किया जा रहा है इसका माफी कराने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि माफी नहीं होती है और मानक से अधिक का उत्पादन होता है तो उसे कानून का उल्लंघन माना जायेगा। इसके लिए खनन पदाधिकारी जिम्मेवार होंगे। आयुक्त ने दंगवार में बालू से संबंधित समस्याओं को पंचायती राज पदाधिकारी के साथ मिलकर कार्यवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। आयुक्त ने बैठक में लिए गए निर्णय का सख्ती से अनुपालन करने, तीनों जिले के खनन पदाधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली करने और अनुपालन नहीं होने की स्थिति में कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि एनजीटी के आदेश से बालू के उठाव पर रोक है। आदेश का उल्लंघन करते हुए बालू का उठाव होता है, तो इसमें खनन पदाधिकारी की मिलीभगत मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि पुल-पुलिया के पाया के समीप से बालू का उठाव होने एवं पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त होने की शिकायत मिलती है। इन स्थानों से बालू का उठाव करने वालों पर कठोर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। अन्यथा खनन पदाधिकारी ही कार्रवाई के दायरे में आएंगे। आयुक्त ने डोलोमाइट खनिज की उत्खनन को कृषि के लिए आवश्यक बताया है और इसके उत्खनन से संबंधित पहल करने की बातें कही है।
बैठक में उपनिदेशक खान राजेश कुमार पांडेय, पलामू के जिला खनन पदाधिकारी संजीव कुमार, गढ़वा के योगेंद्र बड़ाईक, लातेहार के आनंद कुमार एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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