April 13, 2021

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एक नयी सुबह का

आने वाला दशक कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर काः कृषि मंत्री

’पलामू के 65 हज़ार किसानों का ऋण होगा माफ, पलामू को दूसरा नागपुर बनाने की कवायद शुरू की जाएगी

मेदिनीनगर:- कृषि पशुपालन एवं सहकारिता बादल पत्रलेख ने कहा कि पलामू आकर ऐसा लगता है कि मैं अपने लोगों के बीच हूं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण दुनिया के बड़े-बड़े देश तबाही के कगार पर आ पहुंचे थे। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। जिसका असर झारखंड तथा पलामू को भी देखने को मिला। इस कारण वश सरकार को कार्य करने में काफी चुनौती का सामना करना पड़ा। पर अभी स्थिति कुछ सामान्य हुई है और सरकार राज्य के किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि पलामू को दूसरा नागपुर बनाने के लिए सरकार द्वारा कार्य शुरू किया जाएगा जिससे जिले की किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा।
उन्होंने वहां मौजूद किसानों को बताया कि पलामू जिला प्रशासन के लोग काफी कुशल एवं किसानों के हित में सोचने वाले हैं। सरकार द्वारा पलामू को विशेष पैकेज दिलवाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि पलामू में दुग्ध क्रांति लाने के लिए डेयरी मेगा प्रोजेक्ट में कुछ तकनीकी बाधाएं आ रही है। उन बाधाओं को वन विभाग से एनओसी प्राप्त कर जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत 50 प्रतिशत अनुदान पर एपीएल तथा बीपीएल लोगों को दो-दो गाय देने का प्रावधान है जिसमें 2020- 2021 में पूरे राज्य भर में 9350 लाभुक का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री पशुधन योजना हमारे राज्य के किसानों, पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने में कारगर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार, राज्य में जैविक खेती को भी बढ़ावा देने में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से राज्य तथा देश के जीडीपी में काफी सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने किसानों को सम्मान देने के लिए चेंबर ऑफ फार्मर्स का गठन किया जाएगा जो एक ऑटोनॉमस बॉडी होगी और किसानों द्वारा किए गए कृषि कार्यों की समीक्षा तथा सरकार को सुझाव देने का काम करेगी। बताया कि 25 मई को ब्लॉक मुख्यालय में लोगों के बीच बीज का वितरण किया जाएगा तथा नवंबर माह से धान की खरीदारी शुरू की जाएगी। इसकी कवायद अभी से ही शुरू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पलामू जिले के ’65 हज़ार किसानों की ऋण माफी की जा रही है जिसने 22 हज़ार किसानों का डाटा अपलोड हो चुका है और कार्य प्रगति पर है।’ इन सभी किसानों का ससमय ऋण माफ कर दिया जाएगा। साथ ही जिन 65 हज़ार किसानों का ऋण माफी किया जा रहा है ’उन्हें एक बार और आगे लाने का प्रयास किया जाएगा। एक बार फिर ऋण देने का प्रयास किया जाएगा।
कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री
बादल पत्रलेख ’आज दिनांक 25 फरवरी को शहर के शिवाजी मैदान में जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी- सह-कृषि प्रदर्शनी के मुख्य उद्घाटन करता थे।’ कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री बादल पत्रलेख, पलामू प्रमंडलीय आयुक्त जटाशंकर चौधरी तथा उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि रंजन ने सामूहिक रुप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कंडा के 10 स्वतंत्रता सेनानियों पर लिखी गई पुस्तक का हुआ विमोचन’
कार्यक्रम के दौरान नावा बाजार प्रखंड विकास पदाधिकारी जहूर आलम के द्वारा लिखी गई पुस्तक ’भोर’ का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक में नावा बाजार प्रखंड के कंडा पंचायत के ’कंडा गांव में जन्मे 10 स्वतंत्रता सेनानी’ की गाथा लिखी हुई है।’पलामू की भूमि रसदार फलों के लिए लाभदायक, संतरे की खेती से पलामू बन सकता है दूसरा नागपुरः प्रमंडलीय आयुक्त’
किसानों को संबोधित करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने कहा कि पलामू जिले में मुख्यमंत्री कृषि ऋण माफी योजना की प्रगति काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि यह प्रमंडल रसदार फल यथा नारंगी मोसंबी के लिए बेहतर है। इसी के लिए यहां कई साल पहले ’साइट्रस फ्रूट के लिए रीजनल रिसर्च सेंटर का गठन किया गया था।’ उन्होंने कहा कि पलामू के कीनू की क्वालिटी बहुत ही अच्छी है। उन्होंने मंत्री को बताया किया कि पलामू में कीनू के बागान को अगर प्रोत्साहित किया जाए तो पलामू भारत में कीनू उत्पादन में राजस्थान के गंगानगर के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा और किसानों की आर्थिक दशा में काफी सुधार आएगा। साथ ही साथ उन्होंने बताया कि अगर पलामू में संतरा की खेती को बढ़ावा दिया जाए तो पलामू भारत का ’दूसरा नागपुर’ बन सकता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे धान की खेती सिर्फ निचली जमीनों पर करें और ऊंचे जमीनों पर सिर्फ अरहर की खेती करें।

पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसल पर भी ध्यान दें किसानः उपायुक्त
उपायुक्त शशि रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि आयोजित किया गया कार्यक्रम पूरी तरीके से किसान भाइयों के लिए है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने एंव योजनाओं की जानकारी देना है। उन्होंने कृषकों से अपील करते हुए कहा कि कार्यक्रम में लगाये गये स्टॉल के माध्यम से योजनाओं के साथ साथ कृषि करने की पद्धतियों की जानकारी प्राप्त करें ताकि बेहतर तरीक़े से कृषि कार्य करने में सहायता मिल सके। उपायुक्त ने बताया कि पलामू के लिए रेन शैडो एरिया होना अपने आप मे एक चुनौती है। जरूरत है कि पलामू में पारंपरिक खेती के अलावा कुछ बदलाव लाएं। जिला प्रशासन द्वारा ’पारंपरिक फसल के साथ-साथ नकदी फसल प्रगति के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं।’ उन्होंने ज्यादा पैदावार करने वाले किसानों से अपील किया कि अपने अनुभवों को दूसरे किसानों से साझा करें और उन्हें अच्छी खेती करने के लिए भी प्रेरित करें। जिला प्रशासन यहां के किसानों को ’माइक्रो इरिगेशन तथा टपक सिंचाई’ के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हमारे किसान उन्नत कृषि की ओर अग्रसर होंगे।
’विभिन्न विभागों के लगाए गए स्टॉल’
कृषक संगोष्ठी सह कृषि प्रदर्शनी कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के स्टाल लगाए गए। जिसमें जिला मत्स्य विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, इत्यादि का स्टॉल लगाया गया। जिसमें विभागों के द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई। मंत्री सहित सभी गणमान्य लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
’इन्हें मिला लाभः
जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी-सह- कृषि प्रदर्शनी में कई योजनाओं से संबंधित लाभुकों को लाभ मिला। जिसमें झारखंड कृषि ऋण माफी योजना से लाभान्वित नौ कृषकों को सांकेतिक रूप से प्रशस्ति पत्र दिया गया। वही आत्मा द्वारा संचालित किए जा रहे टीआरएफ योजना अंतर्गत गरमा मूंग बीज का वितरण 5 किसानों के बीच सांकेतिक रूप से किया गया। वही एलडीएम द्वारा 5 मत्स्य पालक कृषक को केसीसी ऋण की स्वीकृति पत्र दी गई। वही पीएम किसान योजना अंतर्गत एसबीआई शाहपुर के द्वारा 5 किसानों के बीच केसीसी ऋण की स्वीकृति पत्र दी गई।
इसके अलावा मत्स्य विभाग के द्वारा 2 लाभुकों को अनुदानित राशि पर मोटरसाइकिल दी गई। इसके अलावा पांच लाभुकों के बीच भूमि संरक्षण विभाग के द्वारा अनुदानित दर पर पंपसेट एवं एचडीपीई पाइप का वितरण किया गया। वही ग्रामीण विकास विभाग जेएसएलपीएस द्वारा 419 सखी मंडलों को प्रति सखी मंडल 50 हज़ार की सामुदायिक निवेश की राशि दी गई। साथ ही साथ चार सखी मंडल को प्रति सखी मंडल 15 हज़ार चक्रीय निधि की राशि दी गई। कृषक संगोष्ठी- सह-कृषि प्रदर्शनी में 2 लाभुकों के बीच ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया गया।
’इनकी रही उपस्थिति
इस कार्यक्रम में जिला स्तरीय वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ उप विकास आयुक्त शेखर जमुआर एवं गणमान्य समाजसेवी तथा भारी संख्या में पुरुष एवम महिला किसान मौजूद थे।

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