January 22, 2021

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दल-बदल का मामला उच्चतम न्यायालय पहुंचा

स्पीकरण के न्यायाधिकरण की ओर से हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एसएलपी दायर

रांची:- झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की ओर से दल-बदल मामले में उच्चतम न्यायालय में एसएलपी दायर कर झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गयी है।
झारखंड उच्च न्यायालय ने विधायक बाबूलाल मरांडी के खिलाफ दल-बदल मामले में स्पीकर के न्यायाधिकरण में हो रही सुनवाई पर 13 जनवरी तक रोक लगा दी है। बाबूलाल मरांडी की ओर से उच्च न्यायालय में स्पीकरण द्वारा जारी नोटिस को चुनौती दी गयी थी, जिस पर अदालत ने पिछले दिनों मामले की सुनवाई करते हुए स्पीकर के ट्रिब्यूनल में चल रहे मामले की सुनवाई पर 13 जनवरी तक रोक लगा दी थी।

बाबूलाल मरांडी की ओर से उच्च न्यायालय यह तर्क दिया गया है कि विधानसभा अध्यक्ष दल-बदल मामले 10वीं अनुसूची में स्वतः संज्ञान लेकर नोटिस जारी करने का अधिकार नहीं है। हालांकि विधानसभा की तरफ से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अपनी पक्ष रखते हुए कहा था कि दल-बदल के इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा लिया गया संज्ञान संवैधानिक है। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा था कि आर्टिकल 226 के तहत जब तक विधानसभा के न्यायाधिकरण में यह मामला लंबित है, अदालत को इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
इधर, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने विधायक भूषण तिर्की के आवेदन पर 10वीं अनुसूची के तहत बाबूलाल मरांडी को एक बार फिर बीते 17 दिसंबर को नोटिस जारी किया था। नोटिस में बाबूलाल मरांडी से दोबारा यह पूछा गया है कि क्यों न आपके खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की जाए। इसके पहले स्पीकर की ओर से स्वतः संज्ञान लेते हुए बाबूलाल को नोटिस जारी किया गया था।

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