January 16, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

कोरोना के बाद की दुनिया में सबसे बड़ी भूमिका प्रौद्योगिकी की ही होगी : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को कहा कि कोविड-19 ने दुनिया को सिखा दिया है कि वैश्वीकरण के साथ आत्मनिर्भरता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद की दुनिया बहुत अलग होने जा रही है और इसमें सबसे बड़ी भूमिका प्रौद्योगिकी की ही होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के 51 वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना का यह संकट काल दुनिया में बहुत बड़े बदलाव लेकर आया है। उन्होंने कहा कि एक साल पहले किसी ने वर्चुअल बैठक, पढ़ाई और दीक्षांत समारोह की कल्पना भी नहीं की थी लेकिन अब वर्चुअल रियलिटी ही वर्किंग रियलिटी की जगह लेती जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी ने सेवाओं को दुर्गम स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही भ्रष्टाचार की संभावना भी खत्म की है। मोदी ने छात्रों से देश के लिए नए-नए इनोवेशन का आह्वान करते हुए कहा कि देश आपको कारोबार करने की सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देश आपको ईज ऑफ डूइंग बिजनेस देता है तो आपका भी कर्तव्य बनता है कि आप इनोवेशन से देश के गरीब नागरिकों के जीवन में बदलाव लाएं। हाल के दिनों में बड़े-बड़े सेक्टर में कई बदलाव किये गये हैं। उनके पीछे भी यही एक सोच है। देश के तमाम भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में हो रहे इनोवेट (नई खोज) पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता के लिए बहुत बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं को गुणवत्ता पर ध्यान देने, कभी समझौता न करने और अपने नवाचारों पर बड़े पैमाने पर काम करने का मंत्र देते हुए कहा कि गुणवत्ता पर ध्यान दें, कभी समझौता नहीं करें। व्यापकता (स्केलेबिलिटी) सुनिश्चित करें और अपने नवाचारों को बड़े पैमाने पर काम करें। विश्वसनीयता सुनिश्चित करें, बाजार में दीर्घकालिक विश्वास का निर्माण करें। मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान आज देश के नौजवानों, टेक्नोक्रेट को टेक एंटरप्राइज लीडर को अनेक नए अवसर देना का भी एक अहम अभियान है। वह अपने इनोवेशन पर खुलकर काम कर सकें इसके लिए सर्वाधिक अनुकूल वातावरण बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पहली बार कृषि क्षेत्र में नवाचार और नए स्टार्टअप के लिए इतनी संभावनाएं बनी हैं। पहली बार स्पेस सेक्टर में प्राइवेट इनवेस्टमेंट के रास्ते खुले हैं। दो दिन पहले ही, बीपीओ सेक्टर के इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए भी एक बड़ा रिफॉर्म किया गया है। ऐसे प्रावधान जो टेक उद्योग को घर के काम या फिर कहीं से भी काम जैसी सुविधाओं से रोकते थे, उनको भी हटा दिया गया है। ये देश के आईटी सेक्टर को वैश्विक और प्रतियोगी बनाएगा और आप जैसे युवा प्रतिभा को और ज्यादा मौके देगा। समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे और आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. वी रामगोपाल राव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Recent Posts

%d bloggers like this: