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टीकाकरण के साथ बाल विवाह, दहेज प्रथा के विरुद्ध तेजस्वनी क्लब की सक्रियता महत्वपूर्णः- उपायुक्त

देवघर:- उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिला अंतर्गत सभी प्रखंडो में तेजस्वनी क्लब द्वारा टीकाकरण को लेकर किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने प्रखंडवार तरीके से तेजस्वनी योजना में कार्यरत ब्लॉक कॉर्डिनेटर, फील्ड कॉर्डिनेटर, युथ फैसिलिटेटर(युवा-सूत्रधार), क्लस्टर कॉर्डिनेटर, संगी, तेजस्वनी क्लब के सदस्यों द्वारा अपने-अपने क्लस्टरों में शत प्रतिशत टीकाकरण को लेकर किए जा रहें कार्यों से अवगत हुए। साथ ही विभिन्न प्रखंडो में बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्लस्टर के सदस्यों की सराहना करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि साप्ताहिक टीकाकरण कार्य में बेहतर तरीके से कार्य करने वाले सभी प्रखंडो के क्लस्टर में कार्यरत स्टार युथ फैसिलिटेटर, क्लस्टर कॉर्डिनेटर एवं संगी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते हुए उपायुक्त कार्यालय को अवगत कराएं। इसके अलावे उपायुक्त ने विभिन्न प्रखण्डों में कार्यरत तेजस्वनी क्लब में कार्यरत करौं प्रखंड क्लस्टर 03 की गुड़िया देवी, सारठ प्रखंड क्लस्टर 12 की झूलन कुमारी, रुकसाना खातून, पालोजोरी प्रखंड क्लस्टर 11 की सुभद्रा रूई, पालोजोरी प्रखंड की यसोदा कुमारी क्लस्टर 08, सुजाता कुमारी, सारवां प्रखंड क्लस्टर 01 की रिंकी देवी, मारगोमुण्डा प्रखंड क्लस्टर 02 की अनुपमा मरांडी, पूजा कुमारी क्लस्टर 04 के कार्यों की प्रशंसा करते हुए अन्य प्रखंड के क्लस्टरों को इस दिशा में बेहतर कार्य करने का निर्देश दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि वर्तमान में टिकना है, तो टीका लें नारा को चरितार्थ करते हुए सबसे पहले आप सभी 834 क्लब के सभी सदस्य अपने शेष बचे परिजनों को जल्द से जल्द टीकाकरण कराना सुनिश्चित करने में जिला प्रशासन का सहयोग करें। आगे उन्होंने विभिन्न प्रखंडो के ब्लॉक कॉर्डिनेटर, फील्ड कॉर्डिनेटर, युथ फैसिलिटेटर क्लस्टर कॉर्डिनेटर, संगी से बातचीत करते हुए उनके कार्य योजना और शत प्रतिशत टीकाकरण को लेकर किए जाने वाले कार्यों से सभी को अवगत कराया। साथ ही उपायुक्त ने जिले के सभी प्रखंडों में कोविड जागरूकता, वैक्सीनेशन के अलावा बाल विवाह, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या से जुड़े बिंदुओ पर लगातार कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि योजना का लाभ किशोरी, बालिकाओं और युवतियों तक सुलभ तरीके से पहुंच सके। इसके अलावे उपायुक्त ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि बाल-विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 साल से कम आयु की लड़की और 21 साल से कम आयु के लड़के का विवाह करना दंडनीय अपराध है। यह अपराध गैर जमानती है। उपायुक्त ने कहा कि लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत जागरूक करने की महत्वपूर्ण भूमिका आप सभी सदस्यों की है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत कोई व्यक्ति बाल-विवाह करता है या इसको बढ़ावा देता है और या फिर बाल विवाह करवाने में सहायता करता हो तो उसकी जानकारी जिला प्रशासन या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को दे, ताकि ऐसे लोगों को चिन्हित करते हुए आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा सके।
इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि तेजस्विनी योजना को सिर्फ एक परियोजना समझकर नहीं बल्कि इसे मिशन मानकर कार्य करें, ताकि जिले की किशोरियों को हर स्तर से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाया जा सके। आगे उपायुक्त ने कहा कि सभी प्रखंडो के कुल 100 क्लस्टरों को पूर्ण रूप से सक्रिय तरीक़े से कार्य कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। साथ ही बैठक के दौरान बाल-विवाह, दहेज प्रथा, एनीमिया, कन्या भ्रूण हत्या, शौचालय के नियमित उपयोग, और सामाजिक सशक्तीकरण के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुए उपायुक्त ने सभी सदस्यों से इस दिशा में जमीनी स्तर पर बेहतर तरीके से कार्य करने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा सभी को जागरूक करते हुए जानकारी दी गई कि टीकाकरण के अलावा मास्क, सामाजिक दूरी का अनुपालन और साफ-सफाई के प्रति दूसरों को प्रेरित करने का कार्य अवश्य करें, ताकि सही मायने में संक्रमण के प्रकोप को खत्म किया जा सके।
इस दौरान उपरोक्त के अलावे समाज कल्याण पदाधिकारी कनक तिर्की, तेजस्विनी परियोजना के सभी ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, जिला समन्वयक, युवा उत्प्रेरक, तेजस्वनी क्लब के सदस्य, क्लस्टर समन्वयक एवं तेजस्वनी परियोजना के 378 से अधिक सदस्य आदि बैठक में उपस्थित थे।

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