April 18, 2021

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तेजस्वी महमदपुर पीड़ित परिवार को सहयोग करने नहीं, अपने लिए नारे लगवाने गए : जदयू

पटना:- बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने आज कहा कि प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव मधुबनी जिले के महमदपुर की घटना के पीड़ित परिवारों को सहयोग करने के इरादे से नहीं बल्कि अपने लिए नारे लगवाने तथा उनसे मालाएं पहनने के लिए गए थे। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता एवं विधान पार्षद नीरज कुमार और मुख्य प्रवक्ता एवं विधान पार्षद संजय सिंह ने आज यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रतिपक्ष के नेता श्री यादव महमदपुर पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए नहीं बल्कि अपने लिए नारेबाजी कराने तथा उनसे मालाएं पहनने के लिए ही गए थे। उन्होंने कहा कि यह बेहद ही शर्म की बात है।
श्री कुमार ने श्री यादव के महमदपुर दौरे की राजनीतिक यात्रा बताया और कहा कि वह पीड़ित परिवार को उनकी औकात बताना चाह रहे थे। उनके ट्वीट से यह साबित होता है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि जिस ने वोट नहीं दिया उसका भी ख्याल रखते हैं। दरअसल श्री यादव यह बताना चाहते हैं कि पीड़ित परिवार ने चुनाव में वोट नहीं दिया था।
वहीं, मुख्य प्रवक्ता श्री सिंह ने कहा कि श्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में 118 नरसंहार की घटनाएं हुई थी और उस समय मुख्यमंत्री आवास से ही अपराधियों को संरक्षण मिला करता था। प्रतिपक्ष के नेता को यह बताना चाहिए कि इन नरसंहारों में कितने लोगों को न्याय मिल सका है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में अपराधी कोई भी हो उसे पताल से भी खोज कर निकाला जाता है। श्री सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि यदि प्रतिपक्ष के नेता को अवसर मिले तो जेल में बंद व्यक्ति गृह मंत्री बन जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिपक्ष के नेता की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 74 प्रतिशत विधायक दागी हैं। प्रतिपक्ष के नेता का राजनीतिक श्रृंगार उनके शपथ पत्र में ही दिखाई पड़ता है।
मुख्य प्रवक्ता ने सवालिया लहजे में कहा कि राजद के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन ने सीवान में जिसकी हत्या की थी उसके परिजन से मिलने प्रतिपक्ष के नेता क्यों नहीं गए। प्रतिपक्ष के नेता महमदपुर तो गए और पीड़ित परिवार से मिले लेकिन ठीक उसके सटे हुए एक घर के व्यक्ति को भी गोली लगी थी उसे देखने की उन्हें फुर्सत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि घटना 29 मार्च को हुई थी लेकिन नेता प्रतिपक्ष की नींद 03 अप्रैल को खुली और वह भी ट्विटर पर इतने दिनों वह किस यात्रा पर थे उन्हें लोगों को बताना चाहिए।
प्रवक्ताओं ने कहा कि प्रतिपक्ष के नेता ने जो भी आरोप लगाये हैं वह पूरी तरह से गलत है। मामले में अभी तक 29 मार्च से ही गिरफ्तारी हो रही है और अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी समय से की गई। प्रतिपक्ष के नेता से पुलिस द्वारा मुख्य आरोपियों को नेपाल छोड़े जाने के आरोपों का प्रमाण दिखाने की भी मांग की गई है।

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