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मनरेगा में रॉयल्टी जमा नहीं करने वाले सप्लायर के खिलाफ राशि गबन की करें कार्रवाईः आयुक्त


प्रधान लिपिक, बीपीओ, पीएम आवास, ब्लॉक को-ऑडिनेटर, पंचायत सचिव को शो-कॉज
मनिका/लातेहार:- रॉयल्टी जमा नहीं करने वाले मनरेगा के आपूर्तकर्ताओं को कोई भी आपूर्ति आदेश नहीं दें। उनसे रॉयल्टी की राशि वसूली के लिए मुकम्मल कार्रवाई करें एवं जिन आपूर्तकर्ताओं द्वारा रॉयल्टी जमा नहीं की जाती है, उनके खिलाफ शीघ्र सरकारी राशि गबन की कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। यह बातें आयुक्त श्री जटाशंकर चौधरी ने कही। वे आज लातेहार जिले के मनिका प्रखंड एवं अंचल कार्यालय तथा थाना का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान लातेहार के उप विकास आयुक्त सुरेंद्र कुमार वर्मा, डीआरडीए निदेशक पंकज कुमार सिंह, अपर समाहर्ता आलोक शिकारी कच्छप, प्रखंड विकास पदाधिकारी- सह-अंचल अधिकारी वीरेंद्र किंडो, आयुक्त के पीए जयंत कुमार उपस्थित थे।
आयुक्त ने कहा कि प्रखंड एवं अंचल कार्यालय द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ योग्य लाभुकों को मिलनी चाहिए। कर्मचारी यदि सही तरह से कार्य नहीं करेंगे, तो उन्हें सेवा मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने कहा कि निरीक्षण निरंतर प्रक्रिया है, जिसकी शुरुआत उन्होंने पलामू प्रमंडल में की है। निरीक्षण होने से कार्यालय की त्रुटियों में सुधार करने का मौका मिलता है। वहीं गड़बड़ी रहने पर दोषी कर्मियों को चिन्हित कर ससमय कार्रवाई का भी संभावना रहता है।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने प्रखंड कार्यालय में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित जनसेवक जितेंद्र सिंह को अभिलंब बर्खास्त करने का निदेश दिया। उन्हें बर्खास्त करने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर प्रखंड विकास पदाधिकारी को जिला भेजने तथा लातेहार उपायुक्त को एक माह के अंदर बर्खास्ती की कार्रवाई पूर्ण करने का निर्देश दिया। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जनसेवक जितेंद्र सिंह लंबे समय से बिना सूचना अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित हैं। उनके खिलाफ इस्तेहार भी जारी हो चुका है। वहीं प्रखंड कार्यालय के प्रधान लिपिक, मनरेगा के बीपीओ, पीएम आवास के ब्लॉक को-ऑडिनेटर तथा पंचायत सचिव को शो-कॉज करने का निदेश दिया। प्रधान लिपिक द्वारा लॉग बुक का संधारण ठीक से नहीं किया हुआ पाया गया। इसके अलावा अभिलेखों एवं संचिकाओं का संधारण भी ठीक से नहीं किया गया था। मनरेगा में 31 अगस्त 2021 को पीडी जनरेशन में लातेहार जिले में मनिका सबसे अंतिम पायदान पर था। इस संबंध में पूछे जाने पर बीपीओ द्वारा कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। आयुक्त ने बीपीओ के कार्य को असंतोषजनक बताते हुए शो-कॉज करने का निदेश दिया। आयुक्त ने बीपीओ को रोजगार सेवक वार कार्यों की समीक्षा कर उप विकास आयुक्त लातेहार को रिपोर्ट सौंपने तथा 5 बेहतर कार्य करने वाले एवं 5 खराब प्रदर्शन करने वाले रोजगार सेवकों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी प्रगति पर आयुक्त ने नाराजगी जताई तथा पीएम आवास के ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर से स्पष्टीकरण पूछते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। साथ ही पंचायत सचिव की कार्य प्रगति ठीक नहीं होने की स्थिति में शो-कॉज करते हुए कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रखंड में संचालित विभिन्न योजनाओं में गति नहीं मिलेगी तो कार्य में शिथिलता बरतने वाले अधिकारी एवं कर्मी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने की भी कार्रवाई की जायेगी।
आयुक्त ने विकास पदाधिकारी पर नाराजगी जताई और कहा कि वे किस तरह से कार्यालय पर नियंत्रण रखते हैं, यह समझ से परे है। प्रखंड विकास पदाधिकारी को कार्यरत पदाधिकारी एवं कर्मियों पर नियंत्रण रखने का सख्त निर्देश दिया। वहीं योजनाओं की समीक्षा करने तथा संचालित योजना का स्थलीय निरीक्षण करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने प्रखंड कार्यालय के विभिन्न पंजी एवं संचिकाओं को देखकर असंतोष व्यक्त किया।
आयुक्त ने 15वें वित्त आयोग के तहत बेहतर एवं खराब कार्य करने वाले तीन-तीन कर्मियों की सूची तैयार कर उप विकास आयुक्त को सौंपने का निर्देश दिया। साथ ही खराब प्रदर्शन वाले कर्मियों को उप विकास आयुक्त को बर्खास्त करने की कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।
आयुक्त ने सभी जनसेवकों से उनके कार्यों की जानकारी ली तो पता चला कि जनसेवक कृषि से संबंधी कोई कार्य नहीं कर रहे हैं। आयुक्त ने उन्हें कृषि कार्य को देखने एवं प्रशिक्षण के दौरान उपलब्ध कराई गयी पुस्तक को पढ़ने का निदेश दिया। वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी को जनसेवकों की पुस्तक का वेरिफिकेशन करने का भी निर्देश दिया।
अंचल कार्यालय के निरीक्षण में आयुक्त ने अभिलेख एवं पंजियों का सही से संधारण एवं रखरखाव नहीं होने पर अंचल अधिकारी पर कड़ी नाराजगी जताई। आयुक्त ने पाया कि अंचल कार्यालय में पंजियों का संधारण ठीक से नहीं किया गया है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि अंचल अधिकारी द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मियों को न तो कोई आदेश-निर्देश दिया जाता है और न ही उनके कार्यों की समीक्षा की जाती है।
आयुक्त ने पाया कि वित्तीय वर्ष का 8 माह बीतने के बावजूद लगान वसूली मात्र 38प्रतिशत हुआ है। लगान वसूली की धीमी प्रगति पर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया। वहीं पूर्व में उपलब्ध कराई गयी सूखा राहत की राशि पड़ा हुआ है। आयुक्त ने सूखा राहत का पैसा लंबे समय तक पड़े रहने को अपराध की श्रेणी मानते हुए कहा कि जब इसकी जरूरत नहीं है, तो उसे कोषागार में जमा करने की कार्रवाई करें।
आयुक्त ने दाखिल खारिज के मामले एवं प्रमाण पत्रों की लंबित होने पर भी नाराजगी जताई और इसका तत्काल निष्पादन का निर्देश दिया।
पशुपालन की समीक्षा में आयुक्त ने इमब्रीडिंग रोकने, ब्रीड इंप्रूवमेंट के लिए एआई कराने एवं बकरा बदलने का कार्य करने का निदेश दिया। आयुक्त ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और उसके कार्यो में तेजी लाने का निदेश दिया।
प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में पहुंचे आमजनों से भी आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना और प्रखंड-सह-अंचल अधिकारी को तत्काल उनकी समस्याओं को दूर करने का निर्देश दिया।
थाना का किया निरीक्षण
प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण के बाद आयुक्त मनिका थाना पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने थाना क्षेत्र में अपराध को कम करने हेतु संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखने, जमीन संबंधित विवाद को सुलझाने आदि का निदेश दिया।

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