June 15, 2021

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कोरोना संकट से निपटने के लिए आने वाले समय में भी सभी संसाधनों का समुचित उपयोग जरूरी-सरयू राय

जमशेदपुर:- निर्दलीय सरयू राय ने कहा कि सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अशोक भालोटिया आज जमशेदपुर में मुझसे मिलें. उन्होंने कोरोना वायरस के दूसरे वेव मे चैम्बर और उनकी सहयोगी संस्थाओं द्वारा की जा रही सहायता से , ख़ासकर ऑक्सीजन सिलिंडर की सहायता से अवगत कराया. उन्होंने ध्यान आकृष्ट किया और उन्हें भी सही लगा कि जमशेदपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में कोरोना वायरस का दूसरा वेव अपने उच्च स्तर पर पहुँच रहा है और मई माह में स्थिर होकर इसमें गिरावट के संकेत मिलने लगेंगे.
कोविड के दूसरे वेव में सरकार ने जितनी संरचनाये खड़ा की है, जितना संसाधन इकट्ठा किया है, जो मानव शक्ति तैयार कर रही है उसका समुचित उपयोग हो यह ज़रूरी है.
इस बीच कोविड के अलावा भी अनेक समस्यायें हैं, जिनकी ओर ध्यान जाना चाहिये. सरकार के अनेक विभाग हैं. इनका काम भी गति पकड़नी चाहिये. जमशेदपुर- आदित्यपुर एक औद्योगिक शहर समूह है. यहाँ के उद्योग जगत ने अपने औद्योगिक ऑक्सीजन सिलिंडरों को प्रशासन को सौंप दिया है. इसका असर इनके औद्योगिक उत्पादन पर पड़ रहा है. सरकार ने औद्योगिक उपयोग के लिये गैस की आपूर्ति बंद कर दिया है. फलतः संबंधित उद्योग बंद हो गये है एक आकलन होना चाहिये कि जमशेदपुर को कितना मेडिकल ऑक्सीजन की ज़रूरत है और कितना औद्योगिक ऑक्सीजन की. यहाँ पैदा होने वाले ऑक्सीजन में से कितना खपत झारखंड में होता है, कितना जमशेदपुर एवं समीपवर्ती क्षेत्रों में खपता है और कितना अन्य राज्यों में जा रहा है.
देश में कितने नये ऑक्सीजन प्लांट लग रहे है. कुल ऑक्सीजन उत्पादन आज और साल भर में होने वाला है. संक्षेप में कहा जाय तो ऑक्सीजन की ऑडिट की जाय और उद्योगों के ऑक्सीजन की ज़रूरतें भी पूरी की जाय ताकि उनका उत्पादन जारी रहे. बड़े औद्योगिक घराने तो अपनी ज़रूरत का औद्योगिक ऑक्सीजन ले ले रहे हैं. समस्या मध्यम, लघु एवं अति लघु उद्योगों को हो रही है. कुल औद्योगिक ऑक्सीजन में से मेडिकल ऑक्सीजन की पूर्ति होने के बाद इनका कोटा कितना हो सकता है इसका निर्धारण होना चाहिये ताकि सीमित रूप में ही सही छोटे उद्योग भी चलने चाहिये.
इस बारे में उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह से बात किया तो उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन का उत्पादन- वितरण पूर्णतः भारत सरकार ने अपने नियंत्रण में ले लिया है. झारखंड सरकार को भी अपने लिये ऑक्सीजन का क़रीब 130 टन ऑक्सीजन का आवंटन कराना पड़ा है, जबकि झारखंड में ऑक्सीजन का अफ़रात उत्पादन हो रहा है.
अब आवश्यक हो गया है कि केन्द्र और राज्य सरकारें अपने कोविड संबंधी संसाधनों का उचित लेखा जोखा रखें और समाज के आवश्यकतानुसार इनके संवितरण की रूपरेखा बनाये. अन्यथा संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पायेगा. कोविड के अतिरिक्त अन्य सामाजिक आर्थिक गतिविधियाँ हैं जिनके लिये संसाधन चाहिये.

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