April 13, 2021

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एशिया के सबसे बड़े डेयरी प्लांट बनास मे प्रशिक्षण लेंगे फूलो झानो डेयरी कॉलेज के छात्र

दुमका:- दुमका के हंसडीहा स्थित डेयरी इंजिनयरिंग कॉलेज के छात्रों के दिन अब बहुरेंगे।बिरसा कृषि विश्वविद्यालय रांची की इकाई फूलो झानो डेयरी इंजीनियरिग कॉलेज हंसडीहा में अध्ययनरत फाइनल इयर सेमेस्टर सात के छात्र इन प्लांट ट्रेनिग प्रोग्राम के तहत एशिया के सबसे बड़ी मिल्क प्लांट बनास डेयरी में 90 दिनों की डेयरी तकनीक का प्रैक्टिकल ट्रेनिग लेकर डेयरी फार्मिंग से संबंधित नए तकनीक को समझेंगे। इस प्रोग्राम के तहत डेयरी टेक्नोलॉजी में बीटेक कर छात्रों को गुजरात और उत्तर प्रदेश के विभिन्न डेयरी प्लांट में दुग्ध उत्पादन, मार्केटिग, पैकेजिग, मिल्क चिलिग समेत कई विषयों की जानकारी दी जाएगी। महाविद्यालय के 21 छात्रों की टीम हंसडीहा से 13 मार्च को बनास के लिए रवाना होंगे। 15 मार्च से शुरू होने जा रहे इस प्रशिक्षण में छात्रों को अमूल की सहयोगी बनास डेयरी और मदर डेयरी जैसी विश्व प्रसिद्ध संस्थाओं में डेयरी साइंस एंड फूड टेक्नोलॉजी की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान छात्र दूध के अलावा मक्खन, आइसक्रीम व घी सहित सभी तरह के डेयरी प्रोडक्ट के पैकेजिग से लेकर मार्केटिग तक कि प्रक्रिया का बारीकी से अध्ययन करेंगे। इस कार्यक्रम का मकसद डेयरी टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रहे छात्रों को आधुनिक तकनीक से लैस करना है। पूजा कुमारी, दीपांजलि मुंडा, काजल कुमारी, संजना, पुष्पा कुमेरी,एंगल उज्ज्वला एक्का, फैजल रजा, अतुल कुमार, आदित्य आनंद झा, सत्यप्रकाश चौधरी, दीपक देवांश, रवि कुमार हांसदा, प्रेम कुमार, अनिरुद्ध रॉय, प्रकाश कुमार, विनीता, रुपाली,स्वाति, रानी, बरखा एवं विशाल कुमार प्रशिक्षण के लिए जाएंगे।

ट्रेनिग कर डेयरी एक्सपर्ट बनेंगे छात्रः

छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिग देने के मकसद से शुरू की गई इन प्लांट ट्रेनिग का फायदा डेयरी इंजीनियरिग में बीटेक कर रहे छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। प्रशिक्षण के दौरान प्लांट में बनाए जाने वाले दूध, घी जैसे सभी प्रोडक्ट को छात्र करीब से देखते व समझते हैं। डेयरी प्लांट में ट्रेंड एक्सप‌र्ट्स द्वारा स्टूडेंट्स को ट्रेनिग दी जाएगी। संस्थान से श्रेष्ठ छात्र बाहर निकलें। प्रोसेसिग के साथ ही छात्रों को सभी तरह के मशीन-मोटर्स पर स्टडी करने का मौका भी मिलेगा।
प्रशिक्षण के दौरान डेयरी के एक्सपर्ट कैंपस सेलेक्शन के तहत प्लांट में जॉब के लिए छात्रों का चयन भी करेंगे। वर्तमान में भारत में तकरीबन 400 से अधिक डेयरी प्लांट्स हैं, जो विभिन्न तरह के डेयरी प्रोडक्ट्स का उत्पादन करते हैं। इस तरह के प्लांट को सफलतापूर्वक चलाने के लिए ट्रेंड प्रोफेशनल की मांग दिन-ब-दिन बढ़ रही है। डेयरी प्रोसेसिग इंडस्ट्री के रफ्तार पकड़ने से डेयरी इक्विपमेंट इंडस्ट्री का भी तेजी से विकास हो रहा है। इस समय तकरीबन 170 से अधिक डेयरी इक्विपमेंट कंपनियां देश में हैं। भारत के कृषि आधारित इकोनॉमी में डेयरी का एक विशेष महत्व है। वर्तमान में अमेरिका के बाद भारत दूध उत्पादन में दूसरे पायदान पर पहुँच गया है। डेयरी टेक्नोलॉजी से जुडे प्रोफेशनल का काम दूध उत्पादन, प्रोसेसिग, पैकेजिग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट, डिस्ट्रीब्यूशन आदि से जुड़ा होता है
इन प्लांट ट्रेनिग के पीछे का उद्देश्य छात्रों को वास्तविक समय में संचालन और निर्माण प्रणाली की जीवंत और वास्तविक दुनिया का अनुभव कराना है। डेयरी में व्यावहारिक प्रदर्शन अनिवार्य रूप से छात्रों को कार्य संस्कृति, पेशेवर आत्मविश्वास सामाजिक कौशल विकसित करने में मदद करता है।
फूलो खानों फेयरी इंजीनियरिंग कॉलेज के एसीसीएट डीन डॉ संजय कुमार ने बताया कि बीटेक की डिग्री के लिए 115 दिनों को प्लांट ड्यूटी एक्सप्रियेंस वर्क करना पड़ता है। इसी के मद्देनजर छात्रों का 15 दिनों के लिए बनास समेत अन्य डेयरी प्लांटों में भेजा जा रहा है। इसके लिए आदेश निर्गत कर दिया गया है।

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