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बांग्लादेशी लड़की फातिमा की कहानीः बदनाम गलियों से निकल कर नक्सलियों की बनी राजदार


रांची:- झारखंड में प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) का अब अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का खुलासा हो रहा है। रांची पुलिस ने पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के करीबी निवेश और उसके दो अन्य साथियों के साथ ही एक युवती को भी गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक छानबीन में इस बात की जानकारी मिली है कि निवेश के साथ हिरासत में ली गयी अंजलि उर्फ कनिस फातिमा मूलतः बांग्लादेश की रहने वाली है। वह भारत कैसे पहुंची, उसके पास वैध पासपोर्ट है या नहीं और पीएलएफआई नक्सलियों से उसके तार कितने गहरे जुड़े है, इसकी छानबीन की जा रही है।
निवेश से मुलाकात के बाद सेक्स रैकेट के धंधे से अलग हुई
पुलिस को फातिमा से प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि वहा पिछले 8 वर्षां से दिल्ली में अंजलि बनकर रह रही थी। प्रारंभ में वह सेक्स रैकेट के धंधे में लिप्त थी, इसी दौरान उसकी मुलाकात रांची के निवेश से हुई। निवेश अक्सर दिल्ली जाया करता था और पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप द्वारा लेवी में वसूले गये पैसे को होटल और रियल स्टेट समेत अन्य कारोबार में लगाया करता था। निवेश दिल्ली में सबकी नजरों के सामने अंजलि को पत्नी बना कर रखा था और रांची से दिल्ली पैसे ले जाने के लिए उसने कई लग्जरी गाड़ियों को खरीदा था और साथ में अंजलि को भी रखता था, ताकि जांच के क्रम में पुलिस उन्हें एक संभ्रांत नागरिक समझे है और ज्यादा परेशानियां नहीं उठाना पड़े।
नक्सली कमांडर के कहने पर थ्री स्टार होटल खरीदी
पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के कहने पर ही रंगदारी के पैसे से निवेश ने दिल्ली में एक थ्री स्टार होटल की खरीदारी की थी। उस होटल को बांग्लादेशी महिला अंजलि चलाती थी। होटल से होनेवाले इनकम का पूरा हिसाब सुप्रीमो दिनेश गोप के पास होता है। इस होटल का इस्तेमाल संगठन के उग्रवादियों को रुकने के लिए भी किया जाता है।
पासपोर्ट नहीं मिला, फर्जी आधार कार्ड प्राप्त
पुलिस यह जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि अंजलि भारत में कैसे आयी है। फिलहाल उसके पास से पासपोर्ट बरामद नहीं किया गया है। जांच में इसके पास से फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया।
छह पिस्टल व 85कारतूस बरामद
इधर, रांची पुलिस ने बक्सर से गिरफ्तार कर निवेश और उसके साथियों को रांची लाने के बाद गुरुवार को भी उनसे पूछताछ की और उनकी निशानदेही पर छापेमारी कर छह पिस्टल और 85 कारतूस बरामद किया। इन सभी हथियारों की खरीदारी निवेश ने ही पीएलएफआई नक्सलियों के लिए की थी। गुरुवार को पुलिस ने इन सभी को जेल भेज दिया।

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