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आदिवासी कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष का किया गया स्वागत


रांची:- झारखंड प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ सुशील मरांडी की अध्यक्षता में आज आज कांग्रेस भवन, रांची में प्रदेश स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक प्रारंभ होने के पूर्व आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारियों द्वारा झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के नवनियुक्त अध्यक्ष राजेश ठाकुर, संगठन प्रभारी रवीन्द्र सिंह एवं कार्यालय प्रभारी अमुल्य नीरज खलखो को पुष्पगुच्छ, पौधों का गमला एवं पांरपरिक पगडी बांधकर स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया।
बैठक में सर्वप्रथम डॉ0 सुशील मरांडी ने विगत 27 अगस्त को अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यालय, नई दिल्ली में संपन्न आदिवासी कांग्रेस की बैठक का संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने अपने संबोधन में सबसे पहले आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारियों द्वारा दिये गये सम्मान एवं अभिनंदन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से आदिवासियों के साथ खड़ी रही है। कांग्रेस पार्टी ने आदिवासियों के अस्तित्व एवं उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कई एक कानून बनाये हैं आज जरूरत इस बात की है कि हम आदिवासी कांग्रेस के माध्यम से कांग्रेस पार्टी द्वारा बनाये गये उन कानूनों का लाभ आदिवासियों तक पहुंचाने का काम करें। उन्होंने आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारियों से कहा कि आप आदिवासियों की मूलभूत समस्याओं को सामने लाने का काम करें। प्रदेश कांग्रेस कमिटी राज्य सरकार के स्तर से उन समस्याओं का समाधान निकालने का काम करेगी।
संगठन प्रभारी रवीन्द्र सिंह ने कहा कि झारखंड प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए आदिवासी कांग्रेस की अहम भूमिका है। सांगठनिक तरीके से आदिवासियों के बीच पार्टी को नीचले स्तर तक मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन आदिवासी बहुल्य जिलों में पार्टी सांगठनिक रूप से कमजोर है उन जिलों में आदिवासियों को संगठन से जोड़ने का अभियान चलाने की जरूरत है।
बैठक में आदिवासी कांग्रेस के संयोजक सतीश पॉल मुंजनी ने कहा कि वन अधिकार पट्टा को आदिवासी-मूलवासियों को चिन्ह्ति कर जल्द से जल्द सरकार द्वारा दिया जाए।
बैठक में आदिवासी कांग्रेस के उपाध्यक्ष सन्नी टोप्पो ने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा गलत तरीके से आदिवासियों की भूमि लैंड बैंक में डाला है, उस लैंड बैंक को निरस्त कर आदिवासियों-मूलवासियों की भूमि को वापस किया जाए।
बैठक में सतीश पॉल मुंजनी, सन्नी टोप्पो, प्रभाकर तिर्की, चौतू उरांव, डॉ बिरसा उरांव, डॉ ंसजय सबेस्टर मरांडी, बेलस तिर्की, विलसन टोपनो, पुष्पा कुलू, विशू हेम्ब्रोम, अनूप लकड़ा, संदीप खलखो, रंजन भेंगरा, विपीन, रंजन बोयपाई आदि उपस्थित थे।

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