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जज की हत्या के विरोध में अदालती कार्यों से अलग रहे राज्य के वकील


रांची:- झारखंड स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर राज्यभर के लगभग 33000 अधिवक्ताओं ने आज अदालती कार्यों से अलग रहे। कार्य बहिष्कार कर अधिवक्ताओं ने मनोज झा की हत्या का राज्यभर में विरोध प्रकट किया। इस दौरान एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की भी मांग की। झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पदधारियों ने बताया कि एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही राज्यपाल व मुख्यमंत्री से मिल कर घटना पर विरोध दर्ज करायेगा। अधिवक्ता मनोज झा के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग करेगा। अधिवक्ताओं ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने में हो रहे विलंब को देखते हुए राज्य सरकार से अध्यादेश लाने की मांग की। एक्ट का ड्रॉफ्ट राज्य सरकार के पास लंबित है। बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल ने राज्य सरकार से अधिवक्ताओं की सुरक्षा को देखते हुए अविलंब एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की है।
इधर, अधिवक्ता मनोज झा और जज उत्तम आनंद की हत्या के विरोध में धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ता अध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार सहाय, महासचिव जितेंद्र कुमार और कांउसिल के सदस्य प्रयाग महतो के नेतृत्व में विरोध मार्च किया। अधिवक्ता पानी में भिंगते हुए दोपहर 12 बजे छतरी लेकर बार एसोसिएशन परिसर से रणधीर वर्मा चौक तक गए। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सहाय व महासचिव जितेंद्र कुमार ने कहा कि ऐसोसिएशन अधिवक्ता मनोज व जज आनंद के हत्यारों के जल्द गिरफ्तारी की मांग करता है। ऐसोसिएशन अधिवक्ताओं के सुरक्षा के लिए राज्य सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को जल्द से जल्द लागू करने की मांग करता है। आजादी के उपरांत से ही देश में सभी सरकारें अधिवक्ताओं के प्रति उदासीन रही है। अधिकारियों ने राज्य सरकार से मनोज झा हत्याकांड में भी एसआईटी गठन करने की मांग की। वहीं दूसरी ओर झारखंड बार काउंसिल के आह्वान पर धनबाद के तमाम अधिवक्ताओं ने आज न्यायिक कार्यों से खुद को अलग रखा। इस बाबत बार के अध्यक्ष ने बताया कि अधिवक्ता मनोज और जज आनंद की हत्या के विरोध में काउंसिल ने यह फैसला लिया था। जिसके बाद एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने आज किसी भी तरह के न्यायिक कार्य में हिस्सा नहीं लिया।

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