रामेश्वरम:- श्रीलंकाई सरकार ने अपनी बंदरगाहों पर खड़े ज़ब्त किये गए भारतीय मछुआरों के 105 जहाज़ों को नीलाम करने का फैसला किया है। यह नीलामी सात से 11 फरवरी तक आयोजित की जाएगी।
श्रीलंका के मत्स्य पालन और जलीय संसाधन विकास विभाग के महानिदेशक एस.जे.कहवाट्टा के हवाले से आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यहां कहा,“श्रीलंकाई नौसेना ने भारतीय मछली पकड़ने वाले इन जहाज़ों को विभिन्न अवसरों पर श्रीलंकाई जल में अवैध रूप से मछलियां पकड़ने के लिए जब्त कर लिया था।”
श्री कहवट्टा ने कहा कि मत्स्य विभाग कानूनी कार्यवाही समाप्त होने के बाद अगले महीने एक सार्वजनिक नीलामी में करीब 105 भारतीय जहाज़ों का निपटान करेगा।
श्री कहवट्टा के अनुसार जब्त किये गई जहाज़ नीलाम करने का निर्णय लिया गया क्योंकि वो या तो आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं या प्रयोग करने योग्य नहीं हैं। इसके अलावा ये जहाज़ वर्षों से नौसेना के घाटों में लंगर डाले हुए हैं और डेंगू के लिए प्रजनन स्थल बन गए हैं।
उन्होंने कहा, “हमें इन जहाज़ों से छुटकारा पाने जरूरत है क्योंकि अदालती कार्यवाही बहुत पहले समाप्त हो चुकी है।”
इन 105 जहाज़ों में से 65 कराईनगर में, 24 किरांची में, नौ तलाईमन्नार में, पांच कांकेसंथुराई में और दो कल्पितिया में लंगर डाले हुए थे।
संबंधित जिला मत्स्य विभाग ने अगले महीने होने वाली सार्वजनिक नीलामी से पहले समुद्री इंजीनियरों की सहायता से जब्त किए गए जहाज़ों की मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विभाग द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार किसी भी व्यक्ति को नीलामी परिसर में प्रवेश करने के लिए 1,000 रुपये का भुगतान करना होगा और 31 जनवरी से पांच फरवरी तक विभिन्न स्थानों पर जहाज़ों का निरीक्षण करने की अनुमति दी जाएगी।
श्री कहवट्टा ने कहा कि अवैध रूप से मछली पकड़ने पर रोक लगाने के लिए मत्स्य विभाग ने पिछले साल अक्टूबर में जिला सहायक निदेशकों को निर्देश जारी कर उन्हें मत्स्य पालन और जलीय संसाधन अधिनियम संख्या 2, 1996 और 2018 में संशोधित मत्स्य पालन (विदेशी मत्स्य पालन नौकाओं का विनियमन) अधिनियम संख्या 59, 1979 को लागू करने की सलाह दी थी।
वर्ष 2018 में नए संशोधित प्रावधानों के तहत, कोई भी विदेशी जहाज जो श्रीलंकाई जल क्षेत्र में प्रवेश करता है और बिना परमिट के मछली पकड़ने में संलग्न पाया जाता है तो उसे ‘राज्य की संपत्ति’ घोषित किया जा सकता है।
श्रीलंका ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) का उल्लंघन करते हुए पकड़े गए किसी भी मशीनीकृत मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर या नावों को रिहा नहीं करने का दृढ़ निर्णय लिया है, हालांकि यह उन भारतीय मछुआरों को रिहा कर देता है जो नावों के साथ पकड़े जाते हैं।

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