अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

मां उग्रतारा मंदिर का विशेष महत्व, : 16 दिनों तक मनाया जाता है नवरात्र….


लातेहार:- लातेहार जिला के चंदवा प्रखंड मुख्यालय से मात्र दस किमी दूर रांची-चतरा मुख्य मार्ग पर स्थित मां उग्रतारा नगर मंदिर हजारों साल पुराना है। मां उग्रतारा का मंदिर शक्तिपीठ के तौर पर मशहूर है।
मंदागिर पहाड़ पर स्थित मां उग्रतारा मंदिर की दुर्गा पूजा का अपना अलग ही महत्व है….बताया जाता है आम तौर पर दशहरा हर जगह दस दिनों का होता है लेकिन यहां दुर्गा पूजा सोलह दिनों तक मनाया जाता है,जो जितिया के दूसरे दिन से शुरु हो जाती है…वहीं नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना कर अष्टभुजी माता की पूजा अर्चना आरंम्भ हो जाती है।कहा जाता है कि झारखंड के अलावा बिहार,पश्चिम बंगाल,उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश,उड़ीसा,दिल्ली,राजस्थान,छतीसगढ़,चेन्नई और अन्य राज्यों से श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए सालों भर यहां आते रहते है .विशेष रूप से यहां रामनवमी और दुर्गापूजा का आयोजन धूमधाम से किया जाता है। दुर्गापूजा के दिन हजारों श्रद्धालुओं का भीड़ लगी रहती है.श्रद्धालुओं का मानना है कि जो यहां सच्चे दिल से पूजा-अर्चना करता है,उसकी मन्नतें अवश्य पूरी होती हैं। मां उग्रतारा नगर मंदिर शक्तिपीठ के रूप में पूरे भारतवर्ष में मशहूर है।
प्रसाद के रूप में मिलता है सूखा फल और सूखा नारियल
बताया जाता है कि श्रद्धालु प्रसाद के रूप में सूखा फल और सूखा नारियल चढ़ाते हैं। यह माता का मंदिर दशकों पुराना है। जिसे प्रसिद्ध वीर मराठा रानी अहिल्याबाई ने स्थापित कराया था। कहा जाता है कि बंगाल यात्रा के दौरान में रानी का आगमन इस क्षेत्र में हुआ था। उन्होंने सभी जाति के लोगों को पूजा का अवसर प्रदान कराने के लिए यहां मंदिर का निर्माण कराया। इस मंदिर में उग्रतारा की छोटी-छोटी मूर्तियां हैं, जो हमेशा कपड़ों से ढंकी रहती हैं।

%d bloggers like this: