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विस के मॉनसून सत्र को लेकर स्पीकर ने अधिकारियों के साथ की बैठक


रांची:- झारखंड विधानसभा का आगामी मॉनसून सत्र के सुचारू रूप से संचालन के लिए अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी प्रश्नों का उत्तर सभा सचिवालय को ससमय उपलब्ध कराने का निर्देश उच्च अधिकारियों को दिया। इधर, मॉनसून सत्र में राज्य सरकार कई विधेयक पेश कर पारित करने की तैयारी में है। मेडिकल प्रोटेक्शन बिल, नगर पालिका संशोधन विधेयक 2021 समेत कई और महत्वपूर्ण बिल को सदन से पारित कर कानून की शक्ल दी जायेगी। 3 से 9 सितंबर तक चलने वाले सत्र के दौरान छह सितंबर को मुख्यमंत्री प्रश्नकाल और चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जायेगा।
बैठक समाप्त होने पर स्पीकर ने कहा कि विधानसभा का सत्र शुरू होने से पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती है। इसी के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलायी गयी। बैठक में अफसरों को सत्र के संचालन को लेकर जरूरी निर्देश दिये गये।अफसरों को सदन में विधायकों की ओर से पूछे गये सवालों के जवाब स्पष्ट और समय पर देने का निर्देश दिया गया।सत्र के दौरान किसी तरह का व्यवधान न हो. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोविड के बाद जो स्थितियां पैदा हुई हैं, उसमें यह सत्र महत्वपूर्ण है। इस सत्र में कई नये विषय आने की संभावना है. उन्होंने कहा कि कोरोना की आक्रामकता जरूर कम हुई है, लेकिन खतरा बरकरार है। सभी को एहतियात बरतना होगा। अगर विधानसभा जैसी जगह में कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ, तो इसका गलत संदेश जायेगा।

नेता प्रतिपक्ष मसले पर अधिकार क्षेत्र में कुछ नहीं-स्पीकर
झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र भी बिना नेता प्रतिपक्ष के चलेगा. विधानसभा के अंदर नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी खाली रहेगी। इस मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो का कहना है कि प्रजातांत्रिक व्यवस्था में पक्ष और विपक्ष के नेता की महत्वपूर्ण व्यवस्था होती है। सदन में नेता प्रतिपक्ष का नहीं होना दुखद है, लेकिन वे कर भी क्या सकते हैं, उनके अधिकार में कुछ नहीं है. जिनके अधिकार क्षेत्र में है, वो अपनी जवाबदेही समझें। विधानसभा में मॉनसून सत्र के संचालन की तैयारी को लेकर बुलायी गयी अधिकारियों की बैठक के बाद उन्होंने यह बात कही। गौरतलब है कि बीजेपी ने बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाया है, लेकिन उन्हें नेता प्रतिपक्ष दिये जाने का मामला कोर्ट और स्पीकर के न्यायाधिकरण में लंबित है।

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