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एसएनएमएमसीएच का किया जाएगा संपूर्ण कायाकल्प

गुणवत्ता से नहीं किया जाएगा कोई समझौता – उपायुक्त

धनबाद:- आमजनों की सुविधाओं को केंद्र में रखकर एसएनएमएमसीएच अस्पताल के कायाकल्प हेतु युद्ध स्तर पर चल रहे कार्यों की समीक्षा एवं विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से शनिवार को उपायुक्त उमाशंकर सिंह की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि बनाई गई योजनाओं को पूर्ण करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। जिस प्रकार एसएनएमएमसीएच अस्पताल स्थित कैथ लैब का कायाकल्प कर वहां आधुनिक सुविधाओं से लैस व्यवस्थाओं के साथ कोविड केयर केंद्र का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। उसी प्रकार एसएनएमएमसीएच अस्पताल का भी संपूर्ण कायाकल्प करने का निर्णय लिया गया है। ताकि आमजनों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर जिले को चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, भवन प्रमंडल विभाग एवं विद्युत कार्य विभाग द्वारा मिलकर अस्पताल में विभिन्न प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं। विभागों के मध्य समन्वय की थोड़ी कमी प्रतीत होती है, जिसे साथ मिलकर दूर किया जा सकता है। टीमवर्क के साथ आपस में मिलकर कार्य करने से कार्य में भी अपेक्षित प्रगति प्राप्त होगी तथा कार्य गुणवत्ता पूर्ण संपादित होगा।
उपायुक्त ने एक-एक कर सभी विभागों के पदाधिकारियों से उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने सभी को निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उपरांत उन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखना एक महत्वपूर्ण कार्य है। नियमित रिपेयर एवम मेंटेनेन्स हेतु उन्होंने सभी विभागों के पदाधिकारियों एवं डीएमएफटी टीम को इस संबंध में एक विस्तृत कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में सभी से कहा कि किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यों में उपयोग किए जाने वाले सभी सामग्रियों की गुणवत्ता उत्तम होनी चाहिए तथा कार्यों का संपादन भी गुणवत्ता पूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।
दीवारों का प्लास्टर एवं पेंटिंग कार्य, खिड़कियों के शीशे एवं फ्रेम को आवश्यकतानुसार बदलना, कैंपस में टूटे हुए दीवार का रिपेयरिंग, प्रवेश द्वार से मवेशियों के घुसने से रोकने का प्रबंध, ओपीडी के बाहर बैठने की व्यवस्था करना, मेडिसिन एवं सर्जरी विभाग में गार्डन विकसित करना, ऑडिटोरियम के पास खाली स्थान में सार्वजनिक शौचालय एवं गार्डन विकसित करना, मेन गेट से हॉस्टल संख्या 3 एवं प्राचार्य आवास से पोस्टमार्टम हाउस तक सड़क का चौड़ीकरण, मुख्य गेट का रिनोवेशन, पीजी ब्लॉक एवं एसएनएमएमसीएच के मध्य एप्रोच रोड का निर्माण, होस्टल एरिया के पास बास्केटबॉल एवं बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण, स्टूडेंट एक्टिविटी एरिया में इंडोर खेलों का प्रबंध, अकादमिक क्षेत्र में प्लास्टर, पेंटिंग एवम पीसीसी कार्य, ऑडिटोरियम के फाल्स सीलिंग को बदलना, इमरजेंसी वार्ड में पानी के रिसाव को रोकने हेतु ड्रेनेज सिस्टम, शेड एवं पीसीसी से संबंधित कार्य, नेत्र विभाग में सर्जन एवं अन्य कर्मियों हेतु चेंजिंग रूम का निर्माण, गाइनेकोलॉजी विभाग में दरवाजे को बदलना, शौचालय का मरम्मती, स्टोर रूम का निर्माण, कैंटीन का निर्माण, पंजीकरण हेतु उचित व्यवस्था, मेडिसिन विभाग में सीढ़ियों की मरम्मती, वेंटीलेशन हेतु उचित प्रबंध, कॉरिडोर में बैठने की क्षमता को बढ़ाना, ऑर्थो विभाग में चेंजिंग रूम का निर्माण ड्रेसिंग एवं प्लास्टर रूम का निर्माण, सर्जरी विभाग में कॉरीडोर में बैठने की क्षमता को बढ़ाना, वॉल फैन का अधिष्ठापन, ग्राउंड फ्लोर पर निर्मित अतिरिक्त दीवारों का उचित प्रबंधन, शौचालय की मरम्मती इत्यादि।

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