January 21, 2021

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विश्व कीर्तिमान होगा श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण जनसंपर्क अभियान : विहिप

पूजन-अर्चन कर प्रांत के सभी गाँवों में 15 जनवरी से होगा अभियान का शुभारम्भ

राँची:- अयोध्या के पावन भूमि पर पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का मंदिर अलौकिक व अद्वितीय होगा। अयोध्या में 492 वर्ष पूर्व भव्य मंदिर विराजमान था, परंतु भारतीय संस्कृति के विनाशक व अधर्मीयों के द्वारा भगवान राम का मंदिर को क्षति पहुंचाकर गुंबद नुमा कुछ ढांचा खड़ा करने का प्रयास किया गया था। भगवान श्रीराम धर्म के मूर्तिमंत स्वरूप हैं। भारत के समस्त हिंदू जनमानस की आत्मा है। इस मंदिर को पुनः प्राप्त करने में समस्त हिंदू जनमानस के लगभग 20 पीढ़ियों के अनवरत 76 संघर्षों व साढ़े चार लाख बलिदान देकर अपनी आत्मसम्मान को बचाए रखने का चेस्टा किया गया। विधर्मीयों को यह ज्ञात था सनातन संस्कृति में देवालयों का अनुपम स्थान है। समस्त जनमानस के आस्था का केंद्र है। भारत भू-धरा पर सनातन संस्कृति की अवधारणा को कुचलने की दृष्टिकोण रखते हुए यहाँ विराजमान आस्था के केंद्रों को नष्ट करने का दु:शाहस करते रहे, परंतु हिंदू जनमानस ने कभी हार नहीं मानी। निरंतर संघर्ष का ही आज प्रतिफल के रूप में भारतीय सनातन समाज को पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का भव्य मंदिर को अवलोकन का क्षण प्राप्त होने वाला है। वर्तमान पीढ़ी अपने आपको धन्य समझते हुए मंदिर निर्माण का कार्य में किसी न किसी रूप से जुड़ कर पूर्ण करने का संकल्प दोहरा रहे हैं। यह पीढ़ी जानती है हम से पूर्व 20 पीढ़ियों ने यह गौरव प्राप्त करने का राह जोह रहे थे और आने वाला 40 पीढ़ी भी यह पुण्य कार्य कर पाने में असमर्थ रहेंगे क्योंकि यह भव्य मंदिर 1000 साल से भी ज्यादा समय तक अपने मूल स्वरूप में विराजमान रहेंगे। हिन्दू जनमानस के अटल विश्वास ही श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण जनसंपर्क अभियान को विश्व कीर्तिमान करेगा। यह बात विश्व हिन्दू परिषद, झारखण्ड प्रांत मंत्री व अभियान प्रांत प्रमुख डॉ०बिरेन्द्र साहु ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा।
डॉ०बिरेन्द्र साहु ने कहा भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धू- कान्हू, चांद-भैरव, नीलाम्बर पीताम्बर का यह पावन भूमि भगवान राम के साथ जुड़ा हुआ है। रामरेखा धाम व हनुमान जी की जन्म स्थली अंजन धाम अनायास ही भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम का याद दिलाता है। इस पावन क्षेत्र के भी जनमानस भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण के निमित्त अपना सर्वस्व त्याग करने का संकल्प दूहरा रहे हैं। समाज में लिंग, जाति, वर्ग, भाषा, संप्रदाय, क्षेत्र आदि भेदों से ऊपर उठकर एकात्मभाव से भगवान श्री राम के मंदिर के लिए अपने सामर्थ्य के अनुकूल धन व समय अर्पण करने का संकल्प के साथ अभियान से जुड़ेंगे।
डॉ०बिरेन्द्र साहु ने कहा 6 दिसंबर,1992 में गीता जयंती के पावन दिवस पर हिंदू समाज के पुरुषार्थ साकार हुआ। हिंदू समाज अपने आत्मविश्वास, आत्मस्वाभिमान और संगठित हिंदू शक्ति को प्राप्त करते हुए माथे का कलंक को मिटा डाले। लम्बी न्यायिक प्रक्रिया के बाद 5 अगस्त, 2020 को भारतीय इतिहास का गौरवमयी दिवस के रूप में प्रतिस्थापित हुआ,जब भगवान श्रीराम का जन्मस्थली पर भव्य मंदिर निर्माण कार्य पूर्ण करने का संकल्प के साथ पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी सहीत देशभर के विभिन्न अध्यात्मिक धाराओं के प्रतिनिधि, पूज्य आचार्य, संतों एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ० मोहन भागवत जी व भारतीय गणतंत्र के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गरिमामय उपस्थिति में भूमि पूजन कर कार्य प्रारंभ किया गया। इस शुभ मुहूर्त में झारखंड के 1100 जाहेरथान व सरना स्थलों सहित 2100 स्थानों की पूजित पवित्र मिट्टी एवं 53 नदियों, झरनों एवं कूपों के पूजित पवित्र जल भी अनुष्ठान के साक्षी बने।
श्रीरामजन्मभूमि मंदिर 2.7 एकड़ क्षेत्र में कुल 57.400 वर्ग फुट में बनाई जाएगी। मंदिर की लंबाई 360 फुट, चौड़ाई 335 फुट, ऊंचाई शिखर तक 161 फुट होगी। कुल मंडपों की संख्या 5 होगी। कुल 3 तल्ले के होंगे, प्रत्येक तल 20 फुट का होगा।
डॉ०बिरेन्द्र साहु ने कहा कि पूज्य संतों ने आह्वान किया है कि श्रीरामजन्मभूमि में भव्य मंदिर बनने के साथ-साथ, जन-जन के हृदय मंदिर में श्री राम एवं उनके जीवन मूल्यों को प्रतिस्थापित किया जाए। भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम का 14 वर्षों के नंगे पैर वनगमन काल में वंचित, उपेक्षित समझे जाने वाले लोगों को आत्मीयता से गले लगाए। अपनत्व की अनुभूति कराई। सभी से मित्रता की। जटायु को भी पिता का सम्मान दिया। असुरों का विनाश कर आतंकवाद का समूल नाश किया। नारी की उच्च गरिमा को पुनर्स्थापित किया। उन्होंने कहा रामराज में परस्पर प्रेम, सद्भाव, मैत्री, करुणा, दया, ममता, समता, बंधुत्व, आरोग्य ,त्रिविध ताप विहीन, सर्वसमृद्धि पूर्ण जीवन समृद्ध था जिसे पुनः स्थापित करने का संकल्प लेकर कार्य पूर्ण किया जाएगा।
डॉ०बिरेन्द्र साहु ने विश्व हिन्दू परिषद व श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण समिति, झारखण्ड प्रांत की ओर से समाज से आह्वान करते हुए कहा दान भारतीय सनातन समाज की पुरातन विशेषता रही है। प्राचीन परंपरा के अनुसार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अधीनस्थ बन रही श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु समस्त समाज सात्विक दान करें। महासागर पर सेतुबंध के समय गिलहरी की भांति इस पुनीत यज्ञ में यथाशक्ति योगदान कर अपने को गौरवान्वित, भाग्यशाली एवं पुण्य की भागीदारी बने। उन्होंने कहा कण-कण व छण-छण देना ही जीवन का अर्थ है।
डॉ०बिरेन्द्र साहु ने कहा श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण समिति, झारखंड प्रांत के द्वारा प्रांतीय, जिला व प्रखण्ड टोली गठन किया गया। कार्यकर्त्ता प्रांत के 32623 गांव में 25 हजार से अधिक गांवों एवं 32 लाख परिवार के सवा दो करोड़ हिंदू जनमानस का संपर्क करेंगे। अभियान के लिए 4200 से अधिक पंचायतों में 03 से 10 लोगों की निधिसंग्रहटोली गठित की गई है प्रत्येक पाँच पंचायत के एक निधि जमाकर्त्ता तय किया गया है, जो प्रत्येक दिन संग्रह की गई को बैंक में जमा करेगा। प्रखण्ड, जिला व प्रांत स्तर में एक-एक हिसाब प्रमुख होगा, जो प्रत्येक दिन लेखा-जोखा को पूर्ण कर “श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र” को बताएगा। प्रांत के पंचायतों में 25000 से अधिक ग्राम समितियां बनाई गई है। पूरे अभियान में दो लाख से अधिक कार्यकर्ता लगेंगे।
डॉ०बिरेन्द्र साहु ने बताया सभी कार्यकर्ताओं का प्रयास रहेगा कि वे सामान्य से सामान्य एवं उच्च से उच्च वर्ग के लोगों तक संपर्क कर भगवान श्रीराम के प्रति अास्था अर्पण भाव को प्रकट कराते रू.10, रू.100 अथवा रू.1000 का समर्पण राशि वाला कूपन देकर राशि संग्रह करेंगे। बड़े लोगों को सादी रसीद के माध्यम से बड़े राशि के लिए भी आग्रह करेंगे। झारखंड के सभी प्रखंड स्तर में कूपन, सादी रसीद एवं पत्रक पहुंचाई जा चुकी है।15 जनवरी को मकर सक्रांति के पावन बेला पर कार्यकर्ता अपने आराध्य देवों का पूजन-अर्चन करते हुए अभियान का शुभारंभ करेंगे। यह अभियान 44 दिनों तक निरंतर चलता रहेगा, 27 फरवरी, 2021 को अभियान समाप्त होगा। अभियान के तहत संग्रह की गई राशि का हिसाब-किताब दैनिक होगा। सभी कार्यक्रम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के दिशानिर्देश पर ही चलेंगे। इस अभियान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी अनुषांगिक संगठन भाग लेंगे। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व विश्व हिंदू परिषद करेगा।
डॉ०बिरेन्द्र साहु ने बताया मंदिर निर्माण के निमित्त संग्रह की गई राशि को “श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र” नाम के खाता, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के अयोध्या ब्रांच में जमा/प्रेषित की जाएगी। बैंक का बचत खाता संख्या 39161495808 तथा करंट अकाउंट संख्या 39161498809 है। IFSC कोड SBIN0002510 तथा PAN No. AAZTS6197B है। इस अकाउंट में लोग स्वऑनलाइन भी जमा कर सकेंगे। यह सुविधा 15 जनवरी से 27 फरवरी, 2021 तक रहेगी।
कार्यकर्त्ता “श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र” नाम के खाता, पंजाब नेशनल बैंक, खाता सं० 3865000100139999, IFSC कोड-PUNB0386500, Pan No.AAZTS61978, शाखा- नया घाट अयोध्या एवं बैंक ऑफ बड़ौदा, खाता सं० 05820100021211, IFSC Code – BARBOAYODHY, शाखा- नया घाट अयोध्या में भी नगद/चेक/ड्राफ्ट जमा/प्रेषित करेंगे।

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