March 7, 2021

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शबनम की दया याचिका खारिज होने से गांव में खुशी, चाची बोलीं- फांसी के बाद नहीं लेंगे डेडबॉडी

उत्तर प्रदेश:- अमरोहा जिले के बावनखेड़ी गांव में अपने परिवार के सात सदस्यों की हत्या करने वाली शबनम और उसके प्रेमी सलीम को फांसी की सजा होगी। इस फैसले के बाद शबनम के चाचा चाची समेत पूरे गांव में खुशी का माहौल है। सुप्रीम कोर्ट ने शबनम और उसके प्रेमी की सजा को बरकरार रखा है। वहीं राष्ट्रपति ने भी शबनम और सलीम की दया याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद शबनम के गांव में खुशी का माहौल है।
शबनम की चाची का कहना है कि खून का बदला खून ही होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शबनम को जल्द फांसी होनी चाहिए। उन्होने कहा कि घटना के समय अगर वह भी घर पर होतीं, तो वो उनकी भी जान ले लेती। उन्होंने कहा कि घटना के बाद आधी रात को वह उसके घर पहुंचे थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उसकी दया याचिका खारिज हो गई, उससे वह बहुत खुश हैं। शबनम की चाची ने कहा कि उसे फांसी होनी चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि उसे फांसी पर चढ़ाए जाने के बाद क्या परिवरा डेडबॉडी लेंगीं। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह शबनम की डेडबॉडी नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी लड़की का शव लेकर वह क्या करेंगे।

नहीं लेंगे शबनम की डेडबॉडी

वहीं शबनम के चाचा ने कहा कि घटना के समय वह वहां पर मौजूद नहीं थे। वह रात के दो बजे के बाद मौके पक पहुंचे थे। उस समय सभी के शव वहां पड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि शबनम ने जो भी किया है उसे वह भरना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत की जगह अगर कोई और देश होता तो उसे बहुत पहले ही फांसी हो जाती।

कुल्हाड़ी से परिवार को उतारा मौत के घाट

बात दें कि शबनम ने अमरोहा में साल 2008 में परिवार के 7 लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर जघन्य हत्या कर दी थी। शबनम ने अपने प्रेम संबंध के मामले में अपने पूरे परिवार का क़त्ल कर दिया था, जिसमें दस महीने का भतीजा और प्रेग्नेंट भाभी भी शामिल थी। भारत को आजादी मिलने के बाद से इतिहास में पहली बार किसी महिला अपराधी को फांसी होने जा रही है। बता दें कि शबनम का एक 12 वर्षीय बेटा भी है जो कि जेल में ही पैदा हुआ है।
अमरोहा की शबनम के परिवार में टीचर पिता शौकत अली, मां हाशमी, भाई अनीस, राशिद, भाभी अंजुम और दस महीने का भतीजा अर्श शामिल थे, जिन्हें अप्रैल 2008 की एक रात उसने कुल्हाड़ी के जरिए मौत के घाट उतर दिया था। इस हत्याकांड के फौरन बाद जेल भेजी गई शबनम ने दिसंबर 2008 में जेल में ही बेटे को जन्म दिया था, जिसका नाम ताज रखा गया था। अब सवाल ये खड़ा हो रहा है कि उसके मरने के बाद बेटे ताज का क्या होगा? इसके अलावा शबनम की अमरोहा में काफी संपत्ति है उसे लेकर भी सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं।

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