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बिहार के चर्चित ‘सुखेत मॉडल’ पर वैज्ञानिक तैयार कर रहे है रोड मैप : कुलपति


समस्तीपुर:- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा “मन की बात” कार्यक्रम में बिहार के ‘सुखेत मॉडल’ को देश के अन्य पंचायतों में अपनाने के आह्वान के बाद समस्तीपुर जिले के पूसा स्थित डा.राजेंद्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक इस मॉडल पर एक रोड मैप तैयार करने मे जुट गए है।
विश्वविद्यालय के कुलपति डा.रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने बुधवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सुखेत मॉडल को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर कृषि वैज्ञानिकों को इस पर एक रोड मैप तैयार करने को कहा गया है। यह रोड मैप तीन बिन्दुओं पर तैयार की जायेगी। जिसके तहत पहला निजी क्षेत्र मे यूनिट की स्थापना, दूसरा कंपनी टाइप जिसमे 60 प्रतिशत मनरेगा, 20 प्रतिशत स्वच्छता मिशन और 20 प्रतिशत जैविक खेती से पूंजी लगाना। जबकि तीसरा प्लान जिसमें स्वच्छता,अभियान एवं पर्यावरण सीएसआर की जो राशि बड़ी इंडस्ट्रीज देती है,उसकी भी यूनिट लगाने में भागीदारी हो।डा.श्रीवास्तव ने बताया कि रोड मैप तैयार कर इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मधुबनी जिले के सुखेत मॉडल देश एवं प्रदेश के अन्य गांवों के लिये मिल का पत्थर साबित होगा। इससे गांवों में सफाई रहेगी, रोजगार मिलेगा साथ में मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। बिहार के मोकामा के औंटा एवं सुपौल के संस्कृति निर्मल गांव में सुखेत मॉडल की तरह नये यूनिट की स्थापना की जायेगी। जिसके लिए कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। वहीं, सुखेत मॉडल के टीम इंचार्ज एवं वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा.शंकर झा ने इस मॉडल से किसानों को होने वाले फायदे के बारे में बताते हुए कहा कि यह महत्वाकांक्षी योजना विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की गई थी। उन्होंने बताया कि कुलपति के निर्देश के बाद अब नये सिरे से इस पर एक विशेष रोड मैप तैयार की जा रही है।
इस मौके पर कुलपति डा.रमेश चंद्र श्रीवास्तव, कुलसचिव डा.पी.पी. श्रीवास्तव एवं निदेशक (शिक्षा) डा. एम.एन. झा ने मन की बात मे प्रधानमंत्री के द्वारा सुखेत मॉडल की चर्चा करने के लिए उनके प्रति आभार जताया और कहा कि इससे वैज्ञानिकों का मनोबल ऊंचा हुआ है।

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