सारे आतंकवादी मुसलमान क्यों होते हैं ? ये सवाल पुछ पुछ कर आपसी सोहार्द ना खोएं । पहली बात ये समझ लिजिए की हर एक मुस्लिम आतंकवादी नहीं है । हां मानता हूं कि कुछ कुरान की आयतों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जाता है जिसके कारण कुछ मुसलमान जल्दी बहक जाते हैं । आज दुनिया भर में 170 करोड़ मुसलमान है जिसमें 0.6 %  मुसलमान आतंक के राह पर‌ अग्रसर हैं , इसका तात्पर्य यह हुआ कि 9.6 लाख ऐसे मुसलमान है जो विश्व में आरजकता फैलाना चाहते हैं जो कि‌ बहुत भयावह है । अब इस परिस्थिति में दुसरे धर्म के लोग कर क्या सकते हैं ? हमें बांकि 160 करोड़ 4 लाख मुसलमानों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर उन सभी अराजक तत्वों का विरोध करना होगा हमें उनसे लड़ना होगा।  96 लाख अराजक मुसलमानों के कारण बांकि के सभी मुसलमानों के साथ भेदभाव और भी दुर्भाग्यपूर्ण हो सकता है।  बांकि के शान्तिप्रिय मुसलमानों को भी आवाज उठाना पड़ेगा क्योंकि यह वो आग है जो सब जला देगा ना हिन्दू देखेगा ना मुसलमान, यह सिर्फ और सिर्फ तबाही लाएगा उदाहरण के लिए इराक और सिरिया का ही हाल देख लिजिए। एक बार पुनः आग्रह करुंगा कि इस मुश्किल की घड़ी में हिन्दू मुस्लिम ना करें, हमें एक दूसरे की आवश्यकता है।

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