March 5, 2021

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कृषि ऋण माफी योजना में कृषक मित्रों की भूमिका अहमः-उपायुक्त

देवघर:- झारखण्ड किसान ऋण माफी योजना के सफल संचालन को लेकर आज उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिले के 385 से अधिक कृषक मित्रों के साथ ऑनलाइन बैठक का आयोजन समारणालय सभागार में किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने योजना के तहत कृषक मित्रों की भूमिका व उनके द्वारा किये जाने वाले कार्यों से अवगत कराया। साथ हीं कृषि ऋण माफी योजना के सफल संचालन को लेकर उपायुक्त ने विस्तृत जानकारी देते हुए बतलाया गया कि वर्तमान में किसानों की सुविधा को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा किसान ऋण माफी योजना का प्रारूप तैयार किया गया है, ताकि झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना का लाभ किसानों को सरलता व सुगमतापूर्वक प्रदान किया जा सके। योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु आप सभी कृषक मित्रों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रहेगी। योजना का क्रियान्वयन पूर्ण रूप से ऑनलाइन तरीके से किया जायेगा, ताकि किसानों को इसका सीधा लाभ दिया जा सके। अपने-अपने क्षेत्रों में आप सभी कृषक मित्रों का जुड़ाव किसान भाईयों के साथ रहता है। ऐसे में योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से किसानों को मिले। इस हेतु अपने-अपने पंचायतों में किसान परिवारों से मुलाकात कर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि किसानों को कृषि ऋण माफी योजना का लाभ मिल सके।
किसानों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाना राज्य सरकार व माननीय मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकताओं में है। कोरोनाकाल में वैसे कृषक समुदाय के समक्ष बहुत सारी चुनौती लेकर आई जिनकी आवश्यकता मुख्य रूप से कृषि पर ही निर्भर है। ऐसी स्थिति में कृषि उत्पादन प्रभावित के साथ इसका सीधा असर किसानों के आय पर ही पड़ा है। फलस्वरूप किशान बकाया फसली ऋण चूकाने में असमर्थ हो रहे है। साथ हीं ऋण राशि चूकाने में असमर्थ होने के कारण कृषक नये फसल ऋण एवं अन्य ऋण के लिए अयोग्य होते जा रहे है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण व्यवस्था एवं आवश्यक नीति किसान ऋण माफी के तौर पर किया गया है। जो कृषक समुदाय को ऋण समस्या को बहूत हद तक कम करने में मदद करेगा, जिसमें आप सभी कृषक मित्रों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
इसके अलावे उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि योजना के तहत 31 मार्च, 2020 से पहले के स्टैंडर्ड ऋण लाभुकों को 50,000 तक के ऋण माफी का लाभ दिया जायेगा। इसको लेकर लाभुकों को बैंक के अलावा प्रज्ञा केन्द्रों में अपना आवेदन जमा करना होगा। इस प्रक्रिया हेतु सबसे पहले लाभुकों से आवेदन के अलावा उनका आधार, राशन, स्वघोषणा प्रमाण पत्र, एक रूपये का शुल्क, मोबाईल नंबर एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सेवा शुल्क आपके द्वारा लिया जाना है, जिसके पश्चात ई-केवाईसी
जिसके पश्चात ई-केवाईसी के माध्यम से अपने आवेदन को प्रमाणित करना होता है। एक बार आवेदन ई-केवाईसी के माध्यम से अपने विवरण की पुष्टि करता है तो उसका आवेदन आगे के सत्यापन और प्रसंस्करण के लिए योजना पोर्टल पर स्वचालित रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके पश्चात आवेदक को अपने आवेदन के सफल जमा होने पर एक टोकन नंबर या संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। इसके अलावे आवेदन के उपरान्त अपनायी जाने वाली प्रक्रिया के बारे में उपायुक्त ने जानकारी देते हुए कहा कि चूंकि इस योजना का लाभ एक परिवार के मात्र एक ही सदस्य को प्राप्त होना है।
ऑनलाईन बैठक के अंत में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने सभी कृषक मित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से मिले इसका विशेष रूप से ध्यान रखें। सबसे महत्वपूर्ण कृषकों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। इस हेतु अपने स्तर से सभी कृषक मित्र किसान भाईयों का सहयोग करें। इसके अलावे उपायुक्त द्वारा ऑनलाइन कार्यक्रम के तहत सभी कृषक मित्रों से बात चीत कर योजना के संबंध में पूछे जाने वाले सवालों का जवाब दिया गया। साथ हीं उपायुक्त ने आगामी 31 जनवरी से 02 फरवरी तक चलने वाले पल्स पोलियो अभियान व 10 फरवरी 20 से फरवरी तक राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम में लोगों को जागरूक करते हुए बढ़-चढ़ कर जिला प्रशासन का सहयोग करने की बात कही।
इस दौरान उपरोक्त के अलावे जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी एबी राॅय, सीएससी मैनेजर सत्यम प्रकाश आदि उपस्थित थे।

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