March 4, 2021

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कृषकों को ऋण के बोझ से राहत देना लक्ष्य- उपायुक्त

हजारीबाग:- समाहरणालय सभागार में बुधवार को मासिक पत्रकार सम्मेलन का आयोजन उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। मौके पर उपायुक्त ने पत्रकारों को जिले मंे चल रही सरकार की विभिन्न कल्याणकारी एवं विकास योजनाओं की अद्यतन जानकारी दी। इस क्रम में उन्होंने झारखण्ड सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना’ की जानकारी देते हुए कहा कि कृषि, पशुपालन एवं सहकारित विभाग के तहत प्रस्तावित झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना का उद्देश्य झारखण्ड राज्य के अल्पाविधि कृषि ऋणधारक कृषकों को ऋण के बोझ से राहत देना है। साथ ही फसल ऋण धारक की ऋण पात्रता में सुधार लाना, नये फसल ऋण प्राप्ति सुनिश्चित करना, कृषक समुदाय के पलायन को रोकने सहित कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि इस योजना से पूरे राज्य में 9 लाख से ज्यादा फसल ऋण धारक लाभान्वित होंगे। 31 मार्च 20 तक के मानक फसल ऋणी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे जिसके तहत उनके ऋण बकाया खातों में डीबीटी के माध्यम से 50 हजार रूपये तक के बकाया राशि माफ किये जायेंगे। योजना वेब पोर्टल के माध्यम से आसान आॅनलाईन प्रक्रिया द्वारा कार्यान्वित की जायेगी साथ ही काॅमन सर्विस सेंटर तथा बैंक के द्वारा आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया के तहत आवेदकों को उनके घर के पास ही योजना की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। जिससे आवेदक तथा पदाधिकारियों के बीच कम से कम सम्पर्क होगा और आवेदक के आधार संख्या के प्रयोग से ही लाभूकों की पहचान तथा कागज रहित आवेदन प्रक्रिया की जायेगी। वहीं आॅनलाईन माध्यम से आवेदकों के शिकायतों का निवारण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1 रू. के टोकन शुल्क देकर तथा संवितरण की पात्र अवधि 31मार्च 2020 तक ऋण लेने वाले योग्य किसान इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु त्रिस्तरीय समिति यथा विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति, उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति एवं सचिव की अध्यक्षता में विभागीय कार्यकारी समिति गठित की गई है।
उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ वैसे लाभुक ले पायेंगे जो रैयत-किसान अपनी भूमि पर स्वयं कृषि करते हैं। गैर रैयत-किसान जो अन्य रैयतों की भूमि पर कृषि करते हैं। किसान झारखण्ड राज्य का निवासी होना चाहिए। किसान की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। किसान के पास वैध आधार नम्बर होना चाहिए तथा एक ही परिवार से एक ही फसल ऋण धारक सदस्य पात्र होंगे। आवेदक मान्य राशन कार्डधारक, किसान क्रेडिट कार्डधारक तथा अल्पविधि फसल ऋणधारक होने चाहिए। फसल ऋण झारखण्ड में स्थित अहर्ताधारी बैंक प्राप्त बैंक से निर्गत होना चाहिए। आवेदक के पास मान फसल ऋण खाता होना चाहिए। दिवंगत ऋणधारक का परिवार सहित यह योजना सभी फसल ऋण धारक के लिए स्वैच्छिक होगी। वहीं जनप्रतिनिधि, केन्द्र या राज्य, सरकारी अधिकारी व कर्मी (मल्टीटास्किंग स्टाॅफध्ग्रुप डी के कर्मी को छोड़कर), 10 हजार से अधिक पाने वाले पेंशनधारी (मल्टीटास्किंग स्टाॅफध्ग्रुप डी के कर्मी को छोड़कर)ध्आयकरदाताध्सभी निबंधित प्रोफेशनल्स इस योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं।
मौके पर इस योजना में आवेदकों द्वारा अपनायी जाने वाली प्रक्रिया के संदर्भ में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकोें द्वारा निम्नलिखि प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। जिनमें – आवेदन करने के लिए पात्र आवदेक को अपने आधार कार्ड और रशन कार्ड की प्रति के साथ आम सेवा केंद्रोंध्बैंक शाख में जाना होगा। सीएससीध्बैंक ओदक को योजना पोर्टल पर उनके आधार नं. का उपयोग करके उनकी बकाया ऋण राशि और अन्य विवरण देखने में मदद करेंगे। आवदेक को अपना मोबाईल नं. और योजना पोर्टल पर अपलोड करने के लिए आधार और रशकन कार्ड की प्रति देनी होगी। एक बार आवेदक बकाया विवरण की पुष्टि कर देता है, तो उसे ई-केवाईसी के माध्यम से अपने आवेदन को प्रमाणित करना होता है। एक बार आवेदक ई-केवाईसी के माध्यम से अपने विवरण की पुष्टि करता है, उसका आवेदन आगे के सत्यापन और प्रसंस्करण के लिए योजना पोर्टल पर स्वचालित रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। आवेदक को अपने आवेदन के सफल जमा होने पर एक टोकन नं. या संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। भविष्य के संदर्भ के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। आवेदक को आवेदन के लिए 1 रू. का भुगतान करना होगा। आवेदक अपने मोबाईल नं. पर भी आवेदन जमा करने की पुष्टि संदेश प्राप्त कर सकता है। साथ ही आवेदन को सीएसी केन्द्र पर शुल्क भुगतान के लिए रसीद दी जा सकती है। साथ ही आधार आईडी न रखने वाले किसान भी इस योजना के तहत नामांकन कर सकते हैं तथापि उनको आधार नं. के लिए अपने नामांकन का प्रमाण भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या 334 दिनांक 8 फरवरी, 2017 के अन्तर्गत आधार अधिनियम 2016 की धारा 7 के अनुसार प्रस्तुत करना होगा। अधिसूचना की प्रति योजना वेब पोर्टल पर अवलोकनार्थ अपलोड की जा सकती है।
मौके पर मौजूद पत्रकारों के द्वारा कई प्रश्न किये गये जिनका उत्तर उपायुक्त ने दिया। इस क्रम में यक्ष्मा के मरीजों का संैपल रांची स्थित लैब में भेजने में हो रहे विलंब के प्रश्न पर उपायुक्त ने सिविल सर्जन एवं यक्ष्मा पदाधिकारी आवश्यक निर्देश जारी कर ससमय सैंपल जांच कराने का निर्देश दिया। वहीं नगर निगम क्षेत्र में निर्माण एजेंसी द्वारा नाली निर्माण बाद छतिग्रस्त हुए पानी पाईप, सड़क आदि की मरम्मति समय पन नहीं कराये जाने से आमजनों को हो रही परेशानी के प्रश्न पर उपायुक्त ने व्यवस्था में सुधार के लिए समन्वय प्रणाली विकसित कर संबंधित एजेंसी को काम कराने का भरोसा दिलाया। इस क्रम में नगर निगम क्षेत्र के जर्जर सड़कों, छड़वा डैम से गंदा जलापूर्ति का मामला प्रशासन के संज्ञान में लाया गया। जिसपर उपायुक्त ने उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं निजी विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों के खोलने के मुद्दे उपायुक्त ने बताया कि इस मामले पर सरकार के स्तर से केवल 10वीं एवं 12वीं कक्षा रोटेशन आधार 50 प्रतिशत उपस्थिति संचालित करने का निर्देश है। इस संबंध में निर्देश प्राप्त पर ही नियिमित से सभी शैक्षणिक संस्थान खोले जायेंगे। इस संबंध में अगर कोई विद्यालय सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करते हैं विधि सम्मन कार्रवाई की जाएगी। वहीं टैªफिक समस्या के प्रश्न पर उन्हांेने कहा कि दीर्घकालीन योजना बनाकर व्यवस्था को दुरूस्त करने की दिशा में प्रशासन कार्य कर रहा है। इसपर आमजनों का सहयोग भी अपेक्षित है। मौके पर उपायुक्त ने करोना संक्रमण से बचाव के निर्देशों एवं गाईडलाईन के अनुपालन हेतु आमजनों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करने के लिए मीडिया प्रतिनिधयों को आह्वान किया।
मौके पर उपायुक्त सहित जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव सहित प्रिंट व इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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