February 26, 2021

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रेलवे को 1.10 लाख करोड़ मिले, डीएफसी, विद्युतीकरण, टी-कैस पर जोर

नयी दिल्ली:- सरकार ने आम बजट 2021-22 में रेलवे के लिए रिकॉर्ड एक लाख दस हजार 55 करोड़ रुपए का आवंटन किया है और समर्पित मालवहन गलियारों (डीएफसी) के विकास एवं ट्रैक के तेजी से विद्युतीकरण पर ध्यान देने का इरादा जताया है।
वित्त एवं कारपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में आम बजट 2021-22 पेश करते हुए कहा कि भारतीय रेलवे के लिए रिकॉर्ड 1,10,055 करोड़ रुपये के परिव्यय को स्वीकृत किया गया है जिसमें से एक लाख सात हजार एवं 100 करोड़ रुपये पूंजीगत निवेश के लिए दिए जाएंगे। भारतीय रेलवे ने वर्ष 2030 के लिए राष्ट्रीय रेल योजना तैयार की है। इसके जरिए भारतीय रेल प्रणाली की 2030 तक भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया जाएगा।
श्री सीतारमण ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने के वास्ते उद्योग जगत की सहायता के लिए मालढुलाई की लागत में कमी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जून 2022 तक पश्चिमी डीएफसी और पूर्वी डीएफसी की शुरुआत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्वी डीएफसी सोननगर – गोमोह खंड (263.7 किलोमीटर) को सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत 2021-22 तक शुरु किया जाएगा। इसके बाद 274.3 किलोमीटर का गोमोह –दनकुनी खंड भी कुछ समय के बाद प्रारंभ हो जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि भविष्य के लिए कई अन्य डीएफसी शुरु होंगे। इनमें से पूर्वी तटीय डीएफसी खड़गपुर से विजयवाड़ा तक, पूर्वी-पश्चिमी डीएफसी भुसावल से खड़गपुर होते हुए दानकुनी तक जाएगा तथा उत्तरी-दक्षिणी डीएफसी इटारसी से विजयवाड़ा तक होगा। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पहले चरण में प्रस्तुत की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ब्रॉडगेज रेलमार्गों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण दिसंबर, 2023 तक कर दिया जाएगा। वर्ष 2021 के अंत तक 72 प्रतिशत यानी लगभग 46 हजार ब्रॉडगेज रुट किलोमीटर के विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाएगा। पहली अक्टूबर, 2020 तक 41 हजार 548 ब्रॉडगेज रुट किलोमीटर का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है।
यात्रियों के लिए सुरक्षा और सुविधा का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश में पर्यटन वाले रेल मार्गों पर यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त विस्टा डोम एलएचबी कोच को रेलगाड़ियों में लगाया जाएगा। सुरक्षा के वास्ते अत्यधिक व्यस्त और अधिक प्रयोग किए जाने वाले रेलमार्गों पर यात्रियों को सुविधा प्रदान करने तथा रेल दुर्घटनाओं में न्यूनतम मानवीय हानि के लिए स्वदेश में विकसित रेल सुरक्षा प्रणाली (टीकैस) का प्रयोग किया जाएगा।

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