May 11, 2021

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पूर्णिया निवासी किशनगंज थाना प्रभारी की पीट पीटकर अपराधियों ने की हत्या

पूर्णिया:- बंगाल के पंजीपारा में पूर्णिया निवासी किशनगंज टाउन थाना के थाना प्रभारी अश्विनी कुमार की शनिवार अलसुबह पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह घटना शनिवार रात्रि के 2:00 से 3:00 बजे की है। पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक थाना प्रभारी अश्वनी कुमार को पता चला की बिहार से चुराई गई गाड़ियों को किशनगंज के पड़ोसी बंगाल के पंजीपारा के एक मोहल्ले में रखा जाता है ।उससे पहले उन्होंने एक बड़े अपराधी जाकिर मियां को गिरफ्तार किया था और उसे लेकर उस स्थान पर निशानदेही के लिए गए थे। इनके साथ पुलिस बल भी थी इन्होंने छापेमारी में निकलने से पहले बंगाल पुलिस को सूचना दे दी थी और बैकअप के लिए भी आग्रह किया था।जब अश्विनी कुमार स-दल बल वहां पहुंचे तो बंगाल पुलिस बहुत बाद में आई तब तक यह जैसे ही गांव में घुसे पूरे गांव के लोगों ने प्लानिंग कर ली थी, कि पुलिस वाले आएंगे और उन पर अटैक कर देना है,वही हुआ भी। लाठी डंडे ,दबिया ,तलवार तथा पत्थर से पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया ।जब बंगाल पुलिस से सम्पर्क किया गया तो वह अब आ रहे हैं तब आ रहे हैं कह रहे थे। मजबूरन इन लोगों को भी भागना पड़ा । भागने के क्रम में भीड़ के हत्थे अश्विनी कुमार चढ़ गए और पीट पीट कर उनकी हत्या कर दी गई। उन की बेरहमी से हत्या की गई है शरीर पर जख्म के सैकड़ों के निशान है ।उनकी आंखों तक पर वार किया गया है।हाथ पैर और सर तथा कंधों पर कई गहरे चोट के निशान हैं। यह घटना किशनगंज से सटे पंजीपारा थाना क्षेत्र पनतापारा गांव मे घटी है। अश्विनी कुमार की हत्या के बाद उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए बंगाल के इस्लामपुर सदर अस्पताल ले जाया गया है।वहां पूर्णिया रेंज के आईजी सुरेश कुमार चौधरी भी पहुंच चके हैं।उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।यह दुःखद घटना है। अश्विनी कुमार 1994 बैच के सब इंस्पेक्टर थे ।अश्विनी मूल रूप से पूर्णिया जिला के जानकीनगर थाना अंतर्गत पांचू मंडल टोला के रहने वाले थे।इस घटना से उनके गांव व परिवार में खलबली मच गई है।पत्नी का बुरा हाल है। पत्नी के अलावा उन्हें दो बेटी और एक बेटा है।मृतक एसआई के परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में किशनगंज पुलिस अपने थाना में केस करे। जिससे निष्पक्ष जांच हो सके। किशनगंज एसपी से भी परिजनों ने यह मांग की है। किशनगंज एसपी भी सुबह से घटनास्थल पर मौजूद है।परिजनों ने सवाल उठाया है कि साथ वाले पुलिस उन्हें अकेला छोड़कर क्यों भागे।उनका सवाल यह भी है कि अफरोज नामक व्यक्ति भी सूचक के रूप में साथ था और जाकिर भी जिसे गिरफ्तार कर पुलिस अपने साथ रखी थी। वह फरार हैं।उनकी गिरफ्तारी हो।बंगाल पुलिस का रवैया संदेहास्पद है ।इसकी भी जांच हो। सूचना है की 11 अप्रैल को उनके गांव में उनका दाह संस्कार किया जाएगा।

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