पसराहा थाना क्षेत्र के एनएच-31 स्थित बगुलवा ढाला के पास बुधवार को पूर्णिया के खुश्कीबाग आनंदनगर वार्ड-42 निवासी लक्ष्मण गांधी (52) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। समाजसेवी गांधीवादी विचारक लक्ष्मण पासवान उर्फ गांधी जी बुधवार सुबह 10 बजे पूर्णिया के नेवालाल चौक से स्कॉर्पियो से निकले थे और शाम छह बजे खगड़िया जिले में उनकी लाश मिली।बुधवार को बारात जाने के नाम पर पूर्णिया से कुछ अपराधियों ने उनकी स्कॉर्पियो को रिजर्व किया और पसराहा के पास आकर वारदात को अंजाम दिया। लाश को गाड़ी से बाहर फेंकने के बाद अपराधी स्कॉर्पियो लेकर भाग गए। जांच में पता चला है कि मृतक खुद की स्कॉर्पियो चलाता था।
लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय थाने को दी। थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामले की पड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि शव को देखने से पता चलता है कि मृतक की हत्या चाकू से गोदकर की गई है। मामले में विस्तृत जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही दिया जा सकता है।किराये पर स्कॉर्पियो चलाते थे लक्ष्मण गांधी : लक्ष्मण गांधी की मौत से उनके परिजन अंजान थे। परिजनों ने बताया कि वे स्कॉर्पियो गाड़ी किराये पर चलाते थे। बुधवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति ने खगड़िया जाने के लिए गाड़ी किराये पर लिया था और वे उसके साथ खगड़िया निकले थे। बाद में हमलोगों को जानकारी मिली कि रास्ते में उनके साथ मारपीट की घटना हुई है। जिस व्यक्ति ने गाड़ी किराए से लिया था, उसने चाकू मारकर उसे घायल कर गाड़ी लेकर फरार हो गया। लक्ष्मण के घायल होने की सूचना के बाद उनके घर लोगों की भीड़ लगी है। 52 साल की उम्र में 62 बार किया था रक्तदान : पूर्णिया जिले में लक्ष्मण गांधी के नाम से प्रसिद्ध लक्ष्मण पासवान उर्फ गांधी की हत्या की खबर सुनते ही शहर में शोक का माहौल छा गया। लक्ष्मण गांधी गांधीवादी विचारक होने के साथ-साथ भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य भी थे। लक्ष्मण गांधी ने अपने 52 साल के उम्र में 62 बार रक्तदान किया था। इसके अलावा वह हरेक साल 15 अगस्त और 26 जनवरी के अवसर पर गांधी जी का वेश धारण कर परेड में शामिल होते थे। गांधी का वेश धारण करने के कारण से शहर में उनकी अलग पहचान बन गई थी।
मृतक के मोबाइल पर बार-बार आ रहा था परिजनों का फोन
थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक के मोबाइल पर लगातार फोन आ रहा था। जैसे ही फोन उठाया गया तो परिजनों ने उनका हाल-चाल जानना चाहा। इसके बाद उनलोगों को घटना की जानकारी दी गई और लाश को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजते हुए मामले की जांच व छापेमारी शुरू कर दी गई है।
हत्या की जानकारी के बाद लक्ष्मण गांधी के घर पर जुटे लोग।

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