June 16, 2021

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स्कूली शिक्षा में पंजाब, चंडीगढ़, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह व केरल शीर्ष पर

– केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा पर परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स रिपोर्ट जारी की

– 70 मापदंडों के तहत की जाती है राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की ग्रेडिंग

नई दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा की गई पहल का आंकलन करने के लिए शुरू की गई परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) में पंजाब, चंडीगढ़, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और केरल, ये पांच राज्य शीर्ष पर हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की मंजूरी के बाद रविवार को परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) 2019-20 की रिपोर्ट जारी की। पीजीआई की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के स्कूली शिक्षा में अभूतवपूर्व बदलाव लाने के विजन के तहत हुई थी। इसमें 70 मापदंडों के एक सेट के तहत राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को ग्रेड दिए जाते हैं। पहली बार यह इंडेक्स 2019 में जारी किया गया था। पीजीआई के तीसरे संस्करण में पंजाब, चंडीगढ़, तमिलनाडु, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और केरल को ए ++ ग्रेड दिया गया है। इसके अलावा अधिकांश राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने पिछले वर्षों की तुलना में अपने ग्रेड में सुधार किया है। रिपोर्ट के अनुसार, लेवल एक में कोई भी राज्य स्थान नहीं बना पाया है। लेवल दो में पंजाब, चंडीगढ़, तमिलनाडु, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और केरल ने 1,000 में से 901 से 950 के बीच अंक हासिल किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लेवल तीन में 851 से 900 अंकों के साथ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, पुदुचेरी, राजस्थान और दादर- नागर हवेली शामिल हैं। वहीं लेवल चार में 801 से 850 अंकों के साथ आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दमन और दीव, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश हैं। लेवल पांच में 751 से 800 अंकों के साथ गोवा, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, लक्षद्वीप, मणिपुर, सिक्किम और तेलंगाना हैं। लेवल छह में 701 से 750 अंकों के साथ असम, बिहार, मध्य प्रदेश और मिजोरम जबकि लेवल सात में (651-700 अंक) अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और नागालैंड शामिल हैं। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब और तमिलनाडु ने पीजीआई स्कोर में 10 प्रतिशत यानी 100 या अधिक अंकों का सुधार किया है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और पंजाब ने पहुंच (एक्सेस) के मामले में में 10 प्रतिशत (8 अंक) या उससे अधिक का सुधार दिखाया है। 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने इंफ्रास्ट्रक्चर एवं सुविधाओं के मामले में 10 प्रतिशत (15 अंक) या उससे अधिक का सुधार दिखाया है वहीं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और ओडिशा ने 20 प्रतिशत या उससे अधिक सुधार दिखाया है। अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और ओडिशा ने इक्विटी (समानता) की दिशा में 10 प्रतिशत से अधिक सुधार दिखाया है। इसके अलावा 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने गवर्नेंस प्रोसेस के मामले में 10 प्रतिशत (36 अंक) या उससे अधिक का सुधार दिखाया है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल ने तकरीबन 20 प्रतिशत (72 अंक या अधिक) सुधार दिखाया है। यह इंडेक्स विभिन्न पहलों के द्वारा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को शिक्षा क्षेत्र में वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। सभी राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में कमियों को पता कर के उनके ऊपर काम करने में भी मदद करता है।

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